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खतौली देहात में शोपीस बन गई 70 लाख की टंकी

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शोपीस बन गई 70 लाख की टंकी
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। 2001 की जिला कार्य योजना के तहत खतौली देहात में जलापूर्ति के लिए 70 लाख की लागत से बनी टंकी शोपीस बनकर रह गई है। लोगों को वर्षों बाद भी इस टंकी से पानी की एक बूंद भी नहीं मिल पा रही।
खतौली देहात एवं शेखपुरा में वर्षों से लोग दूषित जल पीने को मजबूर हैं। लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए 2001 में जिला कार्य योजना के तहत पानी की टंकी बनाने का फैसला किया गया था। इसके लिए शेखपुरा के तत्कालीन ग्राम प्रधान नवीन उपाध्याय ने प्रस्ताव बनाकर भेजा था। तत्कालीन डीएम मनोज सिंह ने गांव का मुआयना कर लोगों से टंकी निर्माण की जरूरत के संबंध में कई सवाल भी पूछे थे। लोगों ने डीएम को बताया था कि गन्ना शुगर मिल से निकलने वाले दूषित जल के प्रभाव से पूरे क्षेत्र का पानी दूषित हो गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद शेखपुरा में भूमि उपलब्ध न होने पर इस टंकी को भूड़ क्षेत्र में लगाने के लिए तत्कालीन प्रधान एसपीएस अहलावत से भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।
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भूड़ क्षेत्र में बुआड़ा मार्ग पर भूमि उपलब्ध होने के बाद टंकी का निर्माण शुरू हुआ। इस टंकी से भूड़ क्षेत्र एवं ग्राम शेखपुरा को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना थी। 2007 में टंकी का निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी दोनों गांवों के लोगों को स्वच्छ पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हो सकी है। लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शेखपुरा में जिन गलियों में पाइप लाइन बिछाई गई, वहां गरीब तबके के लोग रहते हैं। सीसी रोड निर्मित 11 गलियों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई थी। ये भूमिगत पाइप लाइन भी टूट चुकी हैं। कुछ मोहल्ला में बहुत कम प्रेशर से पानी टंकियों में आता भी। जिससे एक बाल्टी पानी भरने में घंटों का समय लग जाता है। पूर्व प्रधान एडवोकेट नवीन उपाध्याय, राहुल, प्रवेश, रामकिशन, यूसुफ, यासीन, अहसान, सलीम आदि ने समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
--- कोट
ग्रामीणों को पेयजल की समस्या को दूर कराने के लिए जल निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। शीघ्र समस्या का समाधान कराया जाएगा- कन्हई सिंह, एसडीएम।
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