लापरवाही से गाड़ी दौड़ाने और नशे की हालत में मिले तो लाइसेंस से हाथ धोना पड़ेगा। परिवहन मंत्रालय ने साफ कर दिया कि हाईवे हो या शहर के भीतर वाहन चलाने में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। इसके लिए प्रदेशभर के परिवहन अधिकारियों की मीटिंग लेकर एक-एक बिंदु को समझाया गया है। बिना बीमा रसीद के चलने वाले वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
बृहस्पतिवार को आरटीओ, एआरटीओ की लखनऊ में परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और परिवहन सचिव आराधना शुक्ला ने मीटिंग ली। मंत्री और आला अफसरों ने साफ कर दिया है कि वाहन चलाने में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के साथ आरआई 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। कार की सीट बेल्ट न बांधने, बाइक पर हेल्मेट न लगाने और बिना बीमा के वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होगी।
शराब या अन्य कोई नशे में वाहन चलाने पर तत्काल लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही स्पेशल अभियान चलाकर पब्लिक स्कूलों के वाहनों की जांच-पड़ताल की जाएगी। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि लखनऊ में हुई मीटिंग में कुछ गाइडलाइन मिली हैं। उनके अनुसार की कार्य किया जाएगा। स्कूली वाहनों के साथ आम वाहनों पर भी कार्रवाई होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों, स्वामियों पर कार्रवाई होगी।