मावे को जीएसटी में शामिल करने का विरोध
मुजफ्फरनगर। खोया-मावा व्यापार पर जीएसटी में 12 प्रतिशत टैक्स लगाए जाने का व्यापारियों ने विरोध किया। बृहस्पतिवार को खोया व्यापारियों ने डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन करते हुए खोया को जीएसटी से बाहर रखने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि केंद्र सरकार खोया को कृषि उत्पाद माने और इसे जीएसटी से मुक्त करें। वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे ज्ञापन में एसोसिएशन ने कहा कि खोया दूध से निर्मित वस्तु है, ये शीघ्र खराब होता है। तकनीकी रूप से यह कृषि उत्पाद है। यदि इस पर 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी में टैक्स लगेगा तो आम किसानों की रोजी-रोटी को यह बुरी तरह प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि जीएसटी में छेना को करमुक्त किया गया है। उसी प्रकार खोया भी दूध निर्मित वस्तु होने के कारण उसी श्रेणी में शामिल किया जाए। यह टिन पैक में नहीं बेचा जाता, जीएसटी में मिठाई को टैक्स के दायरे में लाया गया, जो कि खोया से निर्मित हैं। इसे करमुक्त करने से कोई नुकसान नहीं होगा। उत्तराखंड सरकार ने खोया को वेट से भी मुक्त कर दिया था। वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन देने वालों में अनिल गुप्ता, मनोज गुप्ता, प्रवीन गोयल, सुशील शर्मा, अशोक कुमार आदि शामिल रहे।