चुनावी समर में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पीएसी के जवानों को दौड़ने के लिए बड़े पैमाने पर वाहनों की जरूरत है। जनपद में चुनाव कराने के लिए 1500 से अधिक वाहनों की आवश्यकता है। इसको लेकर एआरटीओ ने करीब 2000 निजी वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे हैं। अधिकृत वाहनों को प्रशासन की ओर से खर्च भी मुहैया कराया जाएगा।
पहले चरण में होने वाले चुनाव को लेकर प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है। बूथों से लेकर विधानसभाओं में अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में अधिकारी जुटे हैं। जनपद की सभी विधानसभाओं में वोटिंग कराने के लिए प्रशासन ने 1819 बूथ बनाए गए हैं। जबकि 787 पोलिंग सेंटर बने हैं। इन पर पोलिंग पार्टियों, ईवीएम और अन्य वोटिंग संबंधित सामग्री भेजने के लिए वाहनों की जरूरत है। इसके अलावा भी पीएसी के जवानों, सुरक्षा बलों को आने-जाने के लिए करीब 1500 से अधिक वाहनों की जरूरत है।
एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि अभी वाहनों की कमी है। जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। इसके लिए जनपद और सभी विधानसभाओं में निजी वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं। हालांकि आयोग के निर्देश हैं कि जो भी वाहन अधिकृत होगा। उसका खर्च और चालक को दैनिक भुगतान के रूप में पैसा दिया जाएगा। करीब दो हजार वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे हैं। जिनमें एक हजार नोटिस बस स्वामियों को भेजे गए हैं।
19 जोन 156 सेक्टर में बंटा जनपद
चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने जनपद को 19 जोन और 156 सेक्टर में बांटा है। इन क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेटों, कर्मचारियों को पहुंचाने के लिए जीप, कार की कमी पड़ गई है। प्रशासन के पास पर्याप्त रूप से वाहन न होने के कारण निजी वाहन स्वामियों को नोटिस भेजे गए हैं, ताकि चुनाव के दिन कोई असुविधा न रहे।
पोलिंग पार्टियों के लिए बस की जरूरत
पोलिंग पार्टियों और पीएसी के जवानों के लिए बस की सबसे अधिक जरूरत रहेगी, क्योंकि जनपद में 107 गांवों में दबंगों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। जबकि 1135 बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इनमें अर्द्धसैनिक बलों अलावा पीएसी के जवान तैनात रहेंगे।