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अर्द्धसैनिक बल संभालेंगे रैलियों की सुरक्षा      

Tue, 31 Jan 2017 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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अर्द्ध सैनिक बल के जवान। - फोटो : अमर उजाला
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चुनाव प्रचार के लिए वीआईपी नेताओं के आने की सूचना पर फोर्स की कमी ने पुलिस प्रशासन के माथे पर चिंता के बल ला दिए हैं। सीएम के एक ही दिन में तीन जगहों पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर अफसर व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। अर्द्धसैनिक बलों से रैलियों की सुरक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
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विधानसभा के लिए वेस्ट में प्रथम चरण के चुनाव में जनपद में 11 फरवरी को मतदान होगा। इसके लिए एक फरवरी से वीवीआईपी नेताओं का जनपद में आगमन शुुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री का दो फरवरी का शहर, खतौली और बुढ़ाना तीन जगहों पर रैली करने का कार्यक्रम है। तीन को बसपा सुप्रीमो के आने के कार्यक्रम पर मुहर लग चुकी है। एक फरवरी को योगी आदित्यनाथ के आने का कार्यक्रम है। इनके अलावा सभी दलों के दर्जनों नेताओं की जनपद में रैली प्रस्तावित है। 

एक ही दिन में सीएम के तीन कार्यक्रमों  को लेकर फोर्स की कमी ने पुलिस प्रशासन के माथे पर चिंता के बल ला दिए हैं। सोमवार को पुलिस अफसरों ने सीएम की रैलियों के लिए तय स्थानों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर तैयारी की। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह पूरे दिन तैयारियों को लेकर अधीनस्थों से इनपुट लेते रहे।
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पुलिस की कमी के चलते रैलियों की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बलों के हाथों में रहेगी। अंदर की सुरक्षा स्थानीय पुलिस और वीवीआईपी की सुरक्षा में तैनात कमांडों के हाथों में होगी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड कार्यक्रम स्थल के आसपास चेकिंग करता रहेगा। रैली में जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा।       
 
सुबह तक आएगा तीन कंपनी फोर्स      
एक फरवरी से शुरू होने वाली चुनावी रैलियों के लिए प्रशासन ने फिलहाल अर्द्धसैनिक बलों की तीन कंपनियां मंगाई हैं। अफसरों के मुताबिक ट्रेन से त्रिपुरा के अगरतला से फोर्स की तीन कंपनियां चल चुकी हैं। मंगलवार सुबह तीनों कंपनियां शहर में पहुंच जाएंगी। इसके बाद टाइम टेबिल के हिसाब से फोर्स को रैली स्थलों पर लगा दिया जाएगा।       
 
रैली मैदान में ही उतरेगा हेलीकाप्टर       
पूर्व में शहर के किसी भी मैदान मेें रैली होने पर हेलीकाप्टर को पुलिस लाइन में उतारा जाता था। इस बार इसे बदला गया है। अफसरों के मुताबिक पुलिस लाइन से रैली स्थल तक जाने में सुरक्षा और समय खराब होता था। इस बार जनपद में जहां भी रैली होगी, वहीं पर हैलीपेड बनाया जाएगा और नेता को वहीं उतारा जाएगा। रैली के बाद वहीं से वापसी होगी।
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