मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की
खतौली। शब-ए-बरात पर मस्जिदों में दीनी जलसों का आयोजन किया गया। इस दौरान उलमा ने लोगों से अल्लाह और मोहम्मद साहब के बताए तरीकों पर जिंदगी गुजारने का आह्वान किया। इसके बाद कौम तथा मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की गई।
शब-ए-बरात पर आयोजित दीनी जलसों में उलमा ने शब-ए-बरात की फजीलत बयान करते हुए कहा कि इस रात को आसमाने दुनियां पर अल्लाह जलवा अफरोज होता है तथा अपने बंदों की दुआएं कबूल करता है। उन्होंने कहा कि माता पिता की नाफरमानी करने वाले, दूसरों पर तोहमत लगाने वाले लोगों की दुआएं कबूल नहीं होती हैं। उन्होंने मुस्लिमों से मजहब इस्लाम के तरीकों पर जिंदगी गजारने की अपील की। लोगों ने कब्रिस्तान जाकर मरने वालों की मगफिरत के लिए दुआएं की। मरकजी मस्जिद अकबर खां में रहमते आलम सीरत कमेटी की ओर से जलसे का आयोजन किया गया था। मौलाना अरशद कासमी देवबंद, मौलाना कलीम सिददीकी फुलत, मौलाना शम्सतबरेज उड़ीसा, मौलाना असजद कासमी मुरादाबाद, मौलाना मोहम्मद लुकमान कासमी हुसैनपुर कलां, मौलाना सऊद कासमी ने जलसे को खिताब फरमाया। इसके बाद कौम तथा मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की गई।