फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी के भाव बिक रहा गाय का दूध

विज्ञापन
विज्ञापन
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)।
विज्ञापन

गाय का दूध देहातों में पानी के भाव बिक रहा है। दूधिए गाय के दूध को मनमानी कीमत पर खरीद रहे हैं। 20 से 22 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिकने वाले दूध से निराश पशुपालक और किसानों का गायों से मोह भंग होता जा रहा है। बछड़ा देने वाली गाय का तो कोई खरीदार भी नहीं है।
भाजपा की योगी सरकार गायों के पालन को बढ़ावा देने में लगी हुई है। मगर, सरकार की ओर से गाय पालन के लिए पशुपालकों और किसानों के हक में कोई नीति नहीं बनाई गई है। गायों के दाम आसमान से जमीन पर आ गए हैं। गाय के दूध का भी यही हाल है। गाय के दूध को देहातों में दूधिए मनमानी कीमत पर खरीद रहे हैं। यहां गाय का दूध 20 से 22 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि दूसरी ओर पानी की बोतल बाजार में 20 से 25 रुपये की बिक रही है। फैट के हिसाब से पहले गाय का दूध 30 से 40 रुपये प्रति लीटर बिक जाता था। गाय के दूध से भी महंगे बिकने वाले पानी को लेकर पशुपालक और किसान बेहद दुुखी हैं। गाय पालने वाले किसान खेड़ामस्तान निवासी बबलू, महीपाल सिंह, रामकिशन, गांव करौदा महाजन निवासी धर्मेंद्र, योगेश व ऋषिपाल आदि का कहना है कि जो लोग गाय पालकर दूध बेचकर अपने परिवारों का पेट पाल रहे थे, आज वे परेशान हैं। पानी से भी कम कीमत में बिकने वाले दूध को बेचकर गाय के चारे की भी पूर्ति नहीं हो पाती। बताया कि जो गाय बछड़ा देती है वह किसी भी कीमत पर नही बिकती। गांव के छोटे-छोटे किसान और अन्य पशु पालकों के सामने रोजी रोटी की समस्या गंभीर हो गई है। कई ने तो गाय बेच कर भैंस खरीदनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा कि गाय पालने के ऊपर जोर दे रही योगी सरकार जब तक गांवों में गाय के दूध खरीदने के खरीद केंद्र नही खोलेगी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं होगा। गाय के बछड़ों को पालने में किसान असमर्थ हैं। ग्रामीण गाय के बछड़ों को देर रात में खेतों में छोड़ आते हैं। दर्जनों के झुंड में जंगलों में घूमने वाले बछडे़ फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसान के सामने गाय और गोवंश को पालने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें