तितावी (मुजफ्फरनगर)। तितावी के गांव बुड़ीना कलां में बरातियों और दूल्हे का स्वागत अनोखे अंदाज में किया गया। उसी तरह दुल्हन की विदाई भी मिसाल बन गई। दान-दहेज के दंश को मिटाकर दूल्हे और बरातियों को पौधे दिए गए हैं। फेरों के साथ दूल्हा-दुल्हन ने पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। साथ ही घराती-बरातियों ने भी पर्यावरण को हरा-भरा करने के लिए पौधे लगाने का वादा किया है।
गांव के विनोद शर्मा की बेटी अंतिमा की सोमवार को शादी थी। बरात लेकर बागपत जिले के गांव भोग्गी से विकास शर्मा पुत्र सहेंद्र शर्मा आया था। दूल्हा साहिबाबाद में इंजीनियर है और पिता दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। विनोद शर्मा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में कार्यरत हैं। बरात का स्वागत करने के बाद खान-पान का आयोजन किया गया। फेरों के बाद बाबुल के आंगन से बेटी की विदाई की रस्म अदा की गई। बिना दान-दहेज के हुआ यह विवाह सर्वसमाज के लिए मिसाल बन गया। इसके अलावा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ कपिल शर्मा की बहन की शादी में बरात की विदाई अनोखे अंदाज की है। दुल्हन के हाथ से उसके जीवन साथी विकास को पौधा गिफ्ट की गई। कन्यादान में 51 पौधे दिए गए। बरातियों को 50 पेड़ विदाई के तौर दिए गए। करीब 101 पेड़ दिए गए। इस दौरान घराती और बरातियों ने पर्यावरण बचाने, वायु प्रदूषण को कम करने का संकल्प लिया। लड़की का भाई डॉ कपिल ने यह समाज को जागरूक करने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि शादी, जन्मदिन और अन्य अवसरों पर इतना पैसा खर्च करते हैं, पानी को बर्बाद करते हैं और पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। अब इसे बचाने का कार्य भी मनुष्य के हाथ में है। पर्यावरण से संबंधित जटिल समस्याओं का समाधान पेड़ लगाकर हो सकता है। इस मौके पर उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, शामली चेयरमैन राजेश्वर बंसल, विजय कौशिक, चरथावल विधायक विजय कश्यप, जिला पंचायत सदस्य अमित राठी, राकेश वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।