मुजफ्फरनगर। हौसला और हिम्मत हो तो हर मंजिल फतह हो सकती है। बेटियों के जज्बे के आगे दिव्यांगता के साथ बीमारी भी हार गई। परीक्षा देने कोई बीमार पहुंचा तो कोई सहायक लेकर साथ आया। इसको लेकर दोहरी चेकिंग की गई। कई परीक्षा केंद्रों पर इस तरह के नजारे देखने को मिले।
शहर निवासी पूजा डीएवी इंटर कालेज में कक्षा 12वीं की छात्रा है। एक हादसे में उसके पैर फैक्चर हो गया। जिसके चलते वह चल पाने में असहज हो गई। परीक्षा की घड़ी नजदीक आई, लेकिन पैर ठीक नहीं हो सका। ऐसे में पहला पेपर देने पहुंची पूजा अपने परिजनों के सहारे केंद्र पर पहुंचकर परीक्षा दी। इसके अलावा मोनिका सुभाष भी बीमारी से पीड़ित है। जिसके चलते वह भी अपने साथ राइटर लेकर परीक्षा लेकर पहुंची। जांच के बाद उसकी परीक्षा कराई गई, जबकि शहर के एक परीक्षा सेंटर पर हाथ से दिव्यांग अमरीन बानो ने भी परीक्षा देने का हौसला दिखाया। वह अपने साथ परिचित राइटर के रूप में लेकर परीक्षा देने पहुंची।