- विभिन्न अनुदान के लिए 214 पंजीकृत श्रमिकों को चुना
अमर उजाला ब्यूरो
चरथावल। खंड विकास के कर्मचारियों ने पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग आर्थिक सहायता के लिए सर्वे शुरू किया है। जिसमें 214 पात्र लोगों के शौचालय बनवाने और जर्जर आवास की मरम्मत के लिए आर्थिक मदद के लिए चुना गया है।
श्रम विभाग द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाएं तहत सुविधाएं मुहैया कराता है। लेकिन ब्लॉक स्तर पर कर्मचारी अनावश्यक झंझट से बचने के लिए सर्वे कराने में रुचि नहीं लेते। जिससे जरुरतमदों को लाभ नहीं मिल पाता। पहली बार बीडीओ डॉ. साजिद अहमद ने सहायक श्रमायुक्त की पहल पर ब्लॉक के हर गांव में अनेेक संसाधनों से सर्वे कराना शुरू किया। जिसमें गांव रोहाना, बाननगर, बहेड़ी, जटनगलां आदि में 686 पंजीकृत श्रमिक मिलें। उनमें से 90 श्रमिकों के यहां ओडीएफ योजना में शौचालय नहीं बनें थे। इनमें से जर्जर मकानों में रहने वाले 124 पात्र मिलें। उन्हें श्रम विभाग 15 हजार रुपये के हिसाब से मरम्मत के लिए आर्थिक अनुदान का प्रावधान है। बीडीओ ने 214 पंजीकृत मजदूरों को चयनित कर लाभ दिलाने के लिए सहायक श्रमायुक्त के यहां सूची भेजी है।
बता दें कि एक साल पुराने पंजीकृत मजदूरों को ही श्रम विभाग योजनाओं का लाभ देता है। लेकिन जागरूकता के अभाव में गांव में श्रमिक या तो पंजीकरण कराने के बाद हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करा पाते है। जिससे महत्वाकांक्षी योजनाओं से महरूम रह जाते हैं। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के यहां घर में बच्चे की किलकारी गूंजने से लेकर काम करने तक कदम-कदम आर्थिक अनुदान का प्रावधान है। बच्चों की पढ़ाई, आवासहीन को आवास की स्कीम, छात्रवृत्ति, परिवार में दुर्घटना अथवा घटना में आर्थिक सहायता और श्रमिकों को साइकिल देना प्रमुख है।
दर्जनों गांवों में काई नहीं है पंजीकृत मजदूर
चरथावल। ब्लॉक के 59 गांव में सिर्फ 686 मजदूरों का पंजीकरण है। जिसमें रोहाना इलाके के चार गांवों में सैकड़ों मजदूरों का पंजीकरण है। जबकि नदी पार इलाके गांव न्यामू, कयामपुर, छिमाऊ, दूधली समेत दर्जनों गांव में किसी भी मजदूर का पंजीकरण नहीं है। यदि किसी व्यक्ति ने पंजीकरण कराया भी है, तो समय से नवीनीकरण नहीं हो सका है। बीडीओ ने क्षेत्र के पात्र श्रमिकों से विभाग में पंजीकरण कराकर सहायता उठाने की अपील की है। ग्रामीणों को सरकारी लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।