मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव के समापन अवसर पर स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि सेवा की भावना से गृहस्थ जीवन को स्वर्ग बनाए। सहन नहीं करने की आदत, आलस्य और अविश्वास से घर टूट रहे है।
दयानंद मार्ग स्थित आर्य समाज में स्वामी सच्चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एक-दूसरे के सहयोग की प्रवृति से घर स्वर्ग बनेगा। माता-पिता का सत्य, पवित्र आचरण ही संतान की प्रेरणा बनता है। परिवार में यज्ञ, सत्संग की परंपरा बनाए, सुख, शांति और आपसी स्नेह भाव जाग्रत होगा। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि ज्ञान से कर्म सौ गुना अधिक बोलता है। जिसका मर्यादित आचरण नहीं, उसका जीवन व्यर्थ है। श्रीराम, श्रीकृष्ण के गुणों को जीवन मे आत्मसात करें, तभी श्रेष्ठ समाज बनेगा। डॉ श्रद्धा शास्त्री ने कहा कि होली पर्व प्राकृतिक संपदा का प्रतीक है। वैदिक परंपरा में होली यज्ञ का एक स्वरूप ही है। छात्रा खुशी आर्य, विदुषी संगीता आर्य ने गीत तथा भजनोपदेशक संदीप वैदिक ने भजन सुनाए। हवन में यज्ञमान डॉ नरेश कुमार एवं प्रमोद कुमारी तथा अधिवक्ता शुभम सिंघल एवं शिवम सिंघल रहे। राजपाल सिंह चाहल, आनंद पाल सिंह आदि ने विद्वानों का सत्कार किया। स्वामी योगानंद, संजीव आचार्य, पूर्व प्राचार्य डॉ. लक्ष्मण सिंह टांक, इंजीनियर करण सिंह, योगाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह, गजेंद्र राणा, वेदपाल सिंह, देवेंद्र राणा, डॉ. भूपाल आर्य, यशपाल सिंह, राम नारायण मलिक, देवपाल शास्त्री, डॉ. राजपाल सिंह, तेलूराम धीमान, योगेश्वर दयाल, गुलबीर सिंह, मंगत सिंह आर्य, सुधीर मौर्य, राजेंद्र सिंह, राजबीर सिंह आर्य, शांति शर्मा, इंदु राठी, प्रियंका आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता वैदिक आश्रम अलीपुर खेड़ी के सत्यमुनि एवं संचालन आरपी शर्मा ने किया। ऋषि लंगर में श्रद्घालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
क्रांतिकारियों के जीवन को पढ़े युवा: सत्यवेश
मुजफ्फरनगर। गांधी कालोनी के वर्मा पार्क स्थित चौधरी चरण सिंह सभागार में वेद मंत्रों से यज्ञ एवं सत्संग हुआ। पुरोहित गजेंद्र राणा और यज्ञमान जितेंद्र सिंह एवं रविंद्र सिंह रहे। स्वामी सत्यवेश ने कहा कि युवा वैदिक संस्कृति के अनुगामी बने। महापुरुषों और क्रांतिकारियों के व्यक्तित्व को पढ़े। अध्यक्षता चौधरी दरियाव सिंह ने की। प्रधान सोमपाल आर्य, रामपाल वर्मा, देवी सिंह सिंभालका, ब्रजवीर आर्य, रमेश आर्य आदि का सहयोग रहा।