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पढ़ाई में मद्द के लिए करें इंटरनेट इस्तेमाल: नूरुलहुदा

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देवबंद (सहारनपुर)। मदरसा दारुल उलूम फारुकिया में छात्रों की संस्था अंजुमन तहजीब-ओ-अदब की ओर से वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को विशेष पुरस्कारों का वितरण किया गया।
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बृहस्पतिवार की रात ईदगाह रोड पर स्थित दारुल उलूम फारुकिया में आयोजित कार्यक्रम में मजाहिर उलूम सहारनपुर के उस्ताद मौलाना वलीउल्लाह बस्तवी ने कहा कि आज इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए तरह तरह की साजिशें रची जा रही हैं। इसलिए छात्रों को चाहिए कि वह इन साजिशों से बचकर पूरी ईमानदारी के साथ तालीम हासिल करें और पूरी दुनिया में इस्लाम और मुसलमानों की सही तस्वीर पेश करें। मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह के उस्ताद-ए-हदीस मौलाना सगीर प्रतापगढ़ी ने छात्रों से मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करने का आह्वान करते हुए कहा कि तालीम वो हथियार है, जिसका इस्तेमाल कर हर क्षेत्र में तरक्की की जा सकती है। अध्यक्षता कर रहे संस्था के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी ने कहा कि छात्र फिजूल कामों से बचकर पढ़ाई में ही अपना मन लगाए। इसके अलावा आजकल इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी के साथ किया जा रहा है। इसलिए छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसके गलत इस्तेमाल से बचें और पढ़ाई के लिए ही इसका प्रयोग करें। कार्यक्रम में छात्रों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। शुरुआत अब्दुल अव्वल की तिलावत-ए-कलाम पाक व मो. शाबान की नात-ए-पाक से हुई। अतिथियों ने परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को विशेष पुरस्कारों का वितरण किया गया। संचालन अब्दुल्ला सीतामढ़ी ने की। इस मौके पर मौलाना अकरम कासमी, फजलुल्लाह नूर, मौलाना अरशद जमाल, अब्दुल हक, हुजैफा नूर, मो. अरशद, इमदादुल्लाह नूर, नसीबुर्रहमान, मौलाना नफीस, रहमतुल्लाह नूर आदि मौजूद रहे।
उलमा के हाथों हुई हाफिज अमीर हमजा की दस्तार बंदी
देवबंद। मदरसा हुसैनिया तर्जुमुल कुरआन में दस्तारबंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें कुरआन पाक हिफ्ज करने वाले छात्र हाफिज अमीर हमजा की उलमा के हाथों दस्तारबंदी की गई।
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ईदगाह रोड पर स्थित मदरसे में हुए कार्यक्रम में संस्था के मोहतमिम हाफिज मो. फैज ने कहा कि खुशनसीब हैं वो मां बाप जिनके बच्चों ने कुरआन पाक को अपने सीनों में महफूज कर लिया। कहा कि छात्रों को मेहनत और लगन के साथ तालीम हासिल करनी चाहिए। कार्यक्रम की शुुरुआत छात्र मो. आलिम की नात-ए-पाक से हुई। अध्यक्षता दाराुल उलूम के प्रचारक मौलाना अरशद कासमी व संचालन मो. फैसल अख्तर ने किया। इस मौके पर कारी मुमताज, नदीम, साद कासमी, मोइन बांदवी, मो. जुबैर, मो. मुस्तफा और इदरीस आदि मौजूद रहे।
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