इमामबाड़ा की जमीन पर छप्पर डालने से शिया समाज में रोष
जानसठ। कस्बे में इमामबाड़ा भूमि का प्रकरण एक बार फिर से गरमा गया। एक पक्ष द्वारा छप्पर डालकर कब्जा करने पर शिया समाज के लोगों ने एसडीएम से मिलकर विरोध किया। एसडीएम ने पुलिस भेज कर छप्पर को हटवाया और दोबारा कब्जा करने पर जेल भेजने की चेतावनी दी।
मोहल्ला चौक में इमामबाड़ा की भूमि को लेकर शिया व सुन्नी समाज के कुछ लोगों में विवाद चल रहा है। शिया समाज इमामबाड़ा की भूमि को वक्फ बोर्ड की बता रहे हैं और वर्षों से इस पर मजलिस होने की बात कह रहे हैं। जबकि दूसरा पक्ष बैनामा होने की बात कहकर अपना कब्जा करना चाहता है। एसडीएम विजय कुमार ने दोनों पक्षों को अपने साक्ष्य देने के लिए कहकर विवादित इमामबाड़ा की जमीन पर कोई भी कार्य नहीं करने की चेतावनी दी थी। सुन्नी समाज के कुरैशी समाज के व्यक्ति ने इमामबाड़ा की जमीन पर छप्पर डालकर एसडीएम के आदेश की अवहेलना की। जिसको लेकर शिया समुदाय के लोगों में रोष व्याप्त हो गया। शिया समाज के लोगों ने एसडीएम से शिकायत करते हुए इमामबाड़ा पर कब्जा होने को लेकर रोष जताया। एसडीएम विजय कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस को मौके पर भेज कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए। दरोगा कर्मवीर सिंह पुलिस बल को लेकर मौके पर गए और बलपूर्वक छप्पर हटवा दिया। पुलिस ने दोबारा कब्जा करने पर जेल भेजने की चेतावनी दी। शिया समुदाय से शिकायत करने वालों में अब्बास अली खां, दानिश अली खां, हीलाल मेहंदी, हसन अली खां, सलारपुर पूर्व प्रधान अफरोज जैदी, एजाज, अरशद जैदी, मुनव्वर हसन, इंतजार आदि शामिल रहे।