खतौली। भागीरथ जैन मंदिर में आचार्य भारत भूषण महाराज के पावन सान्निध्य में जैनामृत शिक्षण शिविर का शांति विधान के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर शांति विधान का आयोजन अरुण जैन के संयोजन में संगीत की मधुर स्वर के साथ किया गया। पवित्र मंत्रोच्चार के साथ श्रीजी का अभिषेक, पूजन किया गया। समस्त मांगलिक क्रियाएं भारत भूषण व भव्य भूषण महाराज के सान्निध्य में की गई।
धर्मसभा में आचार्य भारत भूषण ने कहा कि हमें पूजन व अभिषेक करने का प्रतिदिन प्रयास करना चाहिए। इससे परिवार में सुख शांति मिलती है। इस शिक्षण शिविर का शुभारंभ प्रत्येक को उच्च नैतिक व धार्मिक संस्कारों के प्रति प्रेरित करने के लिए किया जा रहा है। संस्कारों के माध्यम से मनुष्य का संपूर्ण विकास संभव है। आज हमारा झुकाव भौतिक संसाधनों की ओर हो रहा है। आज की स्वाध्याय के लिए जागरूक करके अध्यात्म से जोड़ना है। परिवारों में प्रेम के वातावरण का निर्माण करना है। बच्चों में नम्रता, सरलता व सहिष्णुता के संस्कार डालने हैं। जीवों के संरक्षण के प्रति सभी समर्पित रहें। शांति विधान के माध्यम से सर्वत्र शांति की कामना की गई। इस अवसर पर रामकुमार, सुनील ठेकेदार, जयभगवान, अकलंक, राकेश अंबर, मुकेश अंबर, जनारधन, जुगसमंदर, रतनलाल, अशोक, नीरज जैन प्रवक्ता, अजय प्रवक्ता, वैभव सभासद, सौरभ, अजय टैंगर, भूषण लाल, सतेंद्र टिम्बर, पतेंद्र, मंजू, दीप्ती, शशी, अंजू, सरला, डॉ. ज्योति जैन, डीके जैन, राहुल समेत समाज के लोग उपस्थित रहे।