कलेक्शन चार्ज लेने पर किसानों का हंगामा
मोरना। किसान सहकारी समिति पर किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया। किसानों ने समिति प्रबंधन व सहकारिता विभाग पर भ्रष्टाचार तथा उत्पीड़न करने के आरोप लगाते हुए घंटों नारेबाजी व समिति कार्यालय पर धरना दिया। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
किसान भंवर सिंह के नेतृत्व में विक्रम गुर्जर, सतीश चौहान, बीरसिंह, उदयवीर, पुनीता कुमार, खिलेंद्र, कुलदीप, टीटू, फतेह मोहम्मद आदि ने बताया कि समिति द्वारा जो फसली ऋण किसानों को दिया जाता है। वह समय सीमा के भीतर जमा कर देने पर 3 प्रतिशत का ब्याज व समय सीमा बीत जाने के बाद सात प्रतिशत की ब्याज दर ली जाती है, जिसे किसान जमा करने को तैयार हैं, किंतु अब की बार समिति अमीन कलेक्शन चार्ज 10 प्रतिशत अलग से ले रही है। जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं हैं। किसानों ने हाईकोर्ट के आदेशों की प्रतिलिपि समिति अधिकारियों को दिखाई। जिस पर अधिकारियों का कहना है कि वह जो पैसा कलेक्शन चार्ज का ले रहे हैं। उसकी रसीद भी किसानों को दे रहे हैं। वहीं किसानों ने अलग से कोई चार्ज न देने की बात कहते हुए इसको किसानों का उत्पीड़न बताया। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए समिति पर ताला लगाने की चेतावनी दे डाली। वहीं, समिति के एआर प्रदीप कुमार ने बताया कि समिति भी बैंकों से पैसा लेकर किसानों को कर्ज देता है। जब किसान समय पर भुगतान नहीं करेगा, तो उसे 10.70 प्रतिशत का ब्याज देना होगा व अन्य देय नियमानुसार देने होंगे। 10 प्रतिशत का चार्ज नियमों के अनुरुप लिया जा रहा है। कोर्ट के आदेश राजस्व विभाग के लिए है न कि समिति के लिए। पहले ही समिति किसानों को समय सीमा में छूट दे चुकी है।