मोरना। किसानों के बांड सट्टे को बंद करा देने का भ्रम फैलने को भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने मिल प्रशासन पर किसानों में फूट डालने का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन कर मिल अधिकारियों का घेराव किया।
दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना पर पिछले कई दिनों से कुछ व्यक्तियों द्वारा एक बांड पर कई जगह गन्ना सप्लाई करने को लेकर आंदोलन जारी है। शुक्रवार को मिल परिसर में भाकियू द्वारा एक पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों ने भाग लिया। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि जिन लोगों के बांड 1984 से हैं, उन्हें समाप्त करने का कोई औचित्य नहीं है। खादर क्षेत्र का कोई किसान दो स्थानों पर सप्लाई नहीं कर रहा है। ऐसा भ्रम फैलाया जा रहा है। खादर क्षेत्र के किसान मोरना क्षेत्र में ही आते हैं। मिल पर गन्ने का भार कम करने के लिए खादर क्षेत्र में अन्य मिलों के सेंटर स्थापित किए गए। जिस किसान ने सैंटर पर गन्ना डाला, उसने गेट पर नहीं डाला।
भ्रम फैलाकर मिल प्रशासन किसानों में फूट डालो राज करो की नीति अपना रहा है। जिसे भाकियू बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर मिल प्रशासन ने किसी किसान की गन्ना तौल को रोका तो भाकियू सड़क पर जाम लगाकर आंदोलन करेगी। घेराव करने वालों में सवेंद्र मिन्टू, मुख्य गन्ना अधिकारी राजकुमार सिरोही, उदयवीर सिंह, घनश्याम पांडेय, कल्लू ठाकुर, सरदार पलविंद्र, अमीर सिंह, बिटटू प्रधान, विकास डायरेक्टर, अशोक, रामकिशन, शिवकुमार, सुशील, सुबोध, बुद्धराम, मोहरसिंह आदि शामिल थे। वहीं किसान रामपाल सिंह, गुलबीर चौधरी, राजपाल, धर्मपाल, बाबूराम राठी, बिन्नू राठी, श्यामवीर सिंह, सौरण सिंह, जगतसिंह, धीरसिंह डायरेक्टर, देवव्रत, बिजेंद्र सिंह, संजीव कुमार डायरेक्टर, प्रधान संसार सिंह, सुक्रमपाल राठी, बिंदर, चंद्रवीर, मनोज राठी डायरेक्टर आदि ने बताया कि डबल बांड को लेकर भाकियू के कुछ नेता किसानों को भ्रमित कर अपना हित साधने में लगे हुए हैं। डीसीओ ने एक बांड पर पांच जगह गन्ना तौल करने वाले किसानों के गन्ना सट्टा बंद करने के आदेश मोरना मिल प्रशासन को कर रखे हैं। गन्ना माफिया किसानों की आड़ लेकर फिर से अवैध गन्ना डालकर मोटी रकम कमाने की फिराक में हैं। यह खेल किसी भी हाल में नहीं होने दिया जाएगा।