चकाचक साहब के सामने, खटारा वाहन सड़कों पर
मुजफ्फरनगर। जिन जिगर के टुकड़ों को सुबह चाव से तैयार कर स्कूल के लिए रवाना करते हैं, एक बार उनके वाहनों पर नजर घूमा लें तो बेहतर है। स्कूल संचालक साहब की मेहरबानी पर खटारा वाहन दौड़ा रहे हैं, इनकी मनमानी इनके लिए सही, मगर आप तो अभिभावक हैं, बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर ध्यान दें। शहर में अनेक स्कूलों के वाहन खटारा होने के साथ फिटनेस पर भी खरे नहीं है।
परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर रविवार को सामूहिक रूप से स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच की गई। यहां पर साहब की आंखों के सामने स्कूल संचालकों ने चकाचक वाहन खड़े कर जांच करा ली, हालांकि सोमवार को सड़कों पर स्कूली वाहनों का नजारा कुछ और ही दिखा। गैस किट लगी स्कूली वैन, खटारा टाटा मैजिक के साथ मिनी बस भी दौड़ती नजर आई। ऐसे में एआरटीओ की सामूहिक जांच-पड़ताल भी सवालों में घिर गई है, जो वाहन सड़कों पर दिखे उनमें बेतरतीब बच्चों को लाने-छोडऩे कार्य हो रहा है। इस पर स्कूल संचालकों के साथ अफसर भी मौन है। बच्चों को स्कूल से घर छोड़ने के बाद यह वाहन डग्गामारी में प्रयोग हो रहे हैं। इस संबंध में एआरटीओ राजीव बंसल ने बताया कि डग्गामार वाहनों को स्कूलों में प्रयोग किए जा रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच कराकर वाहनों को सीज किया जाएगा, साथ ही संबंधित स्कूलों भी नोटिस दिया जाएगा।
सुरक्षा के साथ जान से खिलवाड़
मुजफ्फरनगर। इन वाहनों में स्कूली बच्चों को घर छोड़ने के लिए सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। शीशे, पर्दे, पायदान आदि के साथ फस्र्ट एड बॉक्स दूर तक मौजूद नहीं है। जबकि गैस किट लगी वैन में बच्चों को ढोया जा रहा है, जिससे हर वक्त बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।