दंगे का दर्द भूलकर साथ रहने की जरूरत पर जोर
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)।
मुजफ्फरनगर जिले में वर्ष 2013 में हुए दंगे का अभी तक दर्द झेल रहे लोग अब मिल-जुलकर आपसी एकता का संदेश देना चाहते हैं। आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए पहल भी प्रारंभ हो गई है। इसकी शुरूआत पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने दिल्ली में दोनों समुदायों के लोगों से मिलकर इस समस्या का हल जल्द निकालने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रगति के लिए दोनों समुदायों को मिलकर काम करने की जरूरत है। भारतीय किसान मजदूर मंच के अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद जौला ने कहा कि दंगे के संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से मुलाकात हुई थी। जौला ने कहा कि यदि फैसला होता है तो दोनों समुदायों के लिए अच्छा कदम होगा उधर, जौला गांव में हुई बैठक में कई युवकों ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के संबंध में कोर्ट का निर्णय ही मान्य होगा।
भारतीय किसान मजदूर मंच के अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद जौला ने कहा कि कहा कि हमारा भी मानना है कि दोनों समुदायों के बीच की खाई हर हाल में खत्म होना चाहिए। दोनों समुदाय के लोग सदियों से एक साथ रहकर जिले के विकास में अहम भूमिका निभाई है। जिले को और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलजुलकर कार्य करना होगा। उधर, जौला गांव में एक स्कूल में बुधवार को देर रात युवाओं ने मीटिंग का आयोजन किया। मीटिंग में दोनों समुदायों के बीच दंगे के दौरान हुए मुकदमों को लेकर चर्चा हुई। युवाओं ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले को मानेंगे। एक कमटी का गठन भी किया जाएगा। कई युवाओं ने कहा कि फैसलों से अराजकता करने वालों को बढ़ावा मिलेगा। मीटिंग में इक़बाल, गुलरेज, वसीम राणा, शोएब राणा, राशिद राणा, अरशद, रावन्नक अली, मारूफ़ राणा, जुरेज राणा, आरिफ अली, जीशान अली, दिलशाद अली आदि उपस्थित रहे। इस आशय की जानकारी वसीम राणा ने दी है।