अल्ट्रासाउंड की नई तकनीक से अफसर भी हैरान
मुजफ्फरनगर। अल्ट्रासाउंड की नई तकनीक को देखकर अफसर भी हैरान हैं। यहां मशीन छोड़िए, टेबलेट में स्क्रीनिंग कर बेटा या बेटी होने का खुलासा हो रहा है। मौके से मिली टेबलेट में अल्ट्रासाउंड का खास सॉफ्टवेयर पाया गया है, जिसके माध्यम से डॉक्टर लिंग परीक्षण कर रहा था। लिंग परीक्षण को लेकर जिला पर बदनुमा दाग लग गया है।
शामली रोड पर जिस मकान में यह गोरखधंधा होता मिला है, वह आरोपियों ने किराये पर लिया हुआ है। टीम ने किराएदार अन्नू को भी पकड़ा है, जिससे पूछताछ की गई है। खुलासे में चौंकाने वाले तथ्य यह है कि मकान में टीम को अल्ट्रासाउंड मशीन होने का संदेह था। जब छानबीन की गई तो माजरा कुछ और मिला है। यहां एक बेंच पड़ी है, पर्देे लगे हैं। साथ ही पास में पड़ी टेबल पर नामी कंपनी का टेबलेट था। उसके पास ही प्रो क्यूब और ऑयल पड़ा था। जांच में सामने आया है कि सेंसर प्रो क्यूब के माध्यम से आरोपी गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करते थे। इसके बाद बेटा और बेटी की पहचान कर कोड वर्ड में उसकी डिटेल साझा की जाती थी।
अल्ट्रासाउंड की नई तकनीक को देखकर और सुनकर अफसर भी हैरान हैं। एसीएमओ डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि टेबलेट में एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर है, जिसके बलबूते पर अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। यह साफ्टवेयर कहां से खरीदा गया है और किस नाम से चल रहा है। इसकी जांच की जा रही है, उसके बाद असल रहस्य से पर्दा हटेगा।
मिनी अल्ट्रासाउंड मशीन होने का अंदेशा
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग के साथ पीसीपीएनडीटी टीम ने मकान से मिले टेबलेट और वायरलेस प्रो क्यूब को लेकर इसे मिनी अल्ट्रासाउंड मशीन मान रही है। प्रो क्यूब के बिना अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा सकता है। जबकि मौके से मिला जैल भी विशेष किस्म का है, जो कि सामान्य रुप से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर प्रयोग नहीं होता है।
सवालों में घिरी जिले की पीसीपीएनडीटी टीम
मुजफ्फरनगर। जिले में जिलाधिकारी के निर्देश पर हाल ही में नई पीसीपीएनडीटी टीम का गठन किया गया है, जिसमें नोडल अफसर डॉ एसके अग्रवाल बनाए गए है। कई समाजसेवी महिला, पुरुष के साथ रेडियोलॉजिस्ट भी है। पिछले दो माह में जिले में लिंग परीक्षण होने का यह तीसरा मामला सामने आया है। अगस्त माह में हरियाणा के पानीपत की टीम ने सदर बाजार में लिंग परीक्षण को लेकर छापामारी की थी। जबकि शाहपुर में भी छापेमारी की जा चुकी है। यहां भी एक क्लीनिक पर लिंग परीक्षण होता मिला था। ऐसे में सवाल है कि लगातार बाहरी टीम जिले में लिंग परीक्षण को लेकर कार्रवाई कर रही है, जबकि स्थानीय स्तर पर टीम हाथ पर हाथ रखे बैठी है।