नहर में पानी नहीं आने से किसानों में मायूसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। करीब सवा महीने से गंगनहर बंद होने के कारण किसानों की फसलें चौपट हो रही हैं। किसानों को डीजल पंप लगाकर महंगी सिंचाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस ओर जनप्रतिनिधियों का भी किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं है।
पिछले महीने के आखिरी सप्ताह में गंगनहर बंद होने के बाद क्षेत्र के गांव कुटेसरा, घिस्सुखेड़ा, अलावलपुर, चरथावल, कुल्हेड़ी, लुहारी खुर्द, खुसरोपुर, महाबलीपुर समेत कई दर्जन गांवों के किसानों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। दरअसल, जिन गांवों के किसानों की सिंचाई नहर के पानी पर निर्भर हैं, वहां गेहूं बुवाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मोहम्मद ईशा, असलम त्यागी, प्रमोद कुमार, सुक्खड़ त्यागी, जीवन त्यागी, गालिब लुहारी खुर्द, सुधीर शर्मा दहचंद, अशोक त्यागी, ओपिन चौधरी महाबलीपुर का कहना है कि अरसे से नहर बंद होने के कारण ईंख की फसल के उत्पादन में गिरावट आनी संभव है। समय से पलेवा नहीं होने के कारण चारा, सरसों की बुवाई में करीब 15 दिन का विलंब हो गया है। किसानों का कहना है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का रवैया भी उदासीन बना हुआ है।