मुजफ्फरनगर। रुड़की रोड, जानसठ रोड पर अवैध बसों का कब्जा है। इन मार्गों पर यात्रियों को भ्रमित करने के लिए रोडवेज समानांतर प्राइवेट बसों का संचालन किया जा रहा है। इससे डिपो की आय को नुकसान पहुंच रहा है। एआरएम ने एआरटीओ को पत्र भेजकर पंजीकृत बसों, प्राइवेट परमिट वाहनों का ब्योरा मांगा है।
प्राइवेट बस ऑप्रेटरों, डग्गामार वाहन संचालकों ने परिवहन निगम की बसों को मात देने के लिए समानांतर बस चलाई जा रही हैं। इन बसों का रुड़की, हरिद्वार के साथ सहारनपुर, देवबंद तथा जानसठ रोड, मोरना, भोपा आदि मार्गों पर कब्जा है। दिन निकलते ही इन मार्गों पर डग्गामार वाहन दौड़ने लगते हैं। रोडवेज डिपो के सर्वे में सामने आया है कि यात्रियों को भ्रमित करने के लिए सेम कलर, रंग-रूप की बसें चला रखी हैं, जिससे यात्री इन्हें ही रोडवेज समझ कर यात्रा कर रहे हैं। इससे इन सभी मार्गों पर रोडवेज बस खाली दौड़ रही हैं। रुड़की रोड पर ही 225 से अधिक वाहन अवैध मिले हैं। जिनमें जीप, टाटा मैजिक, लग्जरी बस, साधारण बस के साथ टाटा 407 तक शामिल हैं।
एआरएम बीपी अग्रवाल ने एआरटीओ प्रशासन को पत्र भेजकर जिले पंजीकृत और परमिट प्राप्त वाहनों का ब्यौरा मांगा है। साथ ही अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए कहा गया है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि अवैध वाहनों के कारण डिपो की आय में 25 से 30 फीसदी का घाटा दर्ज किया जा रहा है। समय-समय पर इनका सर्वे किया जाता है। जिसमें यह रोडवेज बस जैसी प्राइवेट बसों का संचालन सामने आया है। इस पर रोक लगाए जाने के लिए एआरटीओ को लिखा गया है।