जिला प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम
मुजफ्फरनगर। अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी नहीं करने के विरोध में सोमवार को धनगर समाज का आक्रोश भड़क गया। बड़ी तादाद में लोग जीआईसी मैदान में एकत्र हुए और जनसभा करने के बाद कलक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया। कलक्ट्रेट परिसर भीड़ से खचाखच भर गया। हंगामे के बीच प्रशासनिक अफसर वार्ता को आए, तो लोग मौके पर ही कुछ प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग पर अड़ गए। काफी समझाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देकर धरना समाप्त कर दिया।
धनगर समाज के प्रतिनिधियों ने शासनादेश के बावजूद अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी नहीं होने के विरोध में जीआईसी मैदान में जनसभा का आह्वान किया था। सोमवार को बड़ी तादाद में जिले भर से लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों से पहुंच गए। दोपहर तक जनसभा चलती रही। वक्ताओं ने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र जारी करने की पुरजोर मांग की, लेकिन प्रशासनिक या पुलिस अधिकारियों के वहां नहीं पहुंचने पर भीड़ ने कलक्ट्रेट की ओर कूच कर दिया। आलम यह था कि भीड़ के सामने कलक्ट्रेट परिसर छोटा पड़ गया। एलान कर दिया गया कि मौके पर ही कुछ प्रमाण पत्र बनाकर लोगों को दिए जाएं, तभी वे कलक्ट्रेट से हटेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एडीएम प्रशासन अमित सिंह तथा सीओ हरीश भदौरिया ने प्रतिनिधियों से बात की, लेकिन वे धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। करीब ढाई घंटे तक बार-बार हुई वार्ता के बाद प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। 27 फरवरी को प्रशासनिक अधिकारी और धनगर समाज के प्रतिनिधियों की वार्ता होगी। चेतावनी दी कि यदि प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रकाश चौक पर लगाया जाम
मुजफ्फरनगर। कलक्ट्रेट परिसर में धरना दे रही भीड़ के अलावा बड़ी संख्या में धनगर समाज के लोग जीआईसी मैदान में मौजूद थे। उनके आने का सिलसिला जारी था। पुलिस ने प्रकाश चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया. तो युवाओं ने जाम लगा दिया। महावीर चौक पर भी जाम लगाया गया। कचहरी रोड से जाने वाला ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। वाहन चालकों को दूसरे मार्गों से होकर गुजरना पड़ा। शाम करीब साढ़े चार बजे धरना समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
अफसरों की नासमझी करा सकती थी बड़ा बवाल
मुजफ्फरनगर। प्रशासन और पुलिस के अफसरों ने दो अप्रैल 2018 को हुए अनुसूचित जाति के आंदोलन से भी कोई सबक नहीं लिया। आयोजकों के पास कार्यक्रम की अनुमति थी। इसके बावजूद जीआईसी मैदान में कोई अफसर ज्ञापन लेने नहीं गया। यदि अफसर वहां पहुंच जाते तो भीड़ को कलक्ट्रेट कूच करने से रोका जा सकता था। जीआईसी मैदान से कलक्ट्रेट की ओर कूच करती अनियंत्रित भीड़ को देखकर प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। सीओ सिटी हरीश भदौरिया स्थिति को भांपकर नियंत्रित करने के बजाए आयोजकों पर भड़क पड़े। इसे लेकर कई बार भीड़ उग्र भी हुई। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि भारी भीड़ के बावजूद जीआईसी मैदान में कोई अफसर ज्ञापन लेने नहीं आया। अफसरों की इसी नासमझी की बदौलत शहर वासियों को घंटों जाम झेलना पड़ा।
जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन दिया
प्रदर्शनकारियों की ओर से डीएम के नाम ज्ञापन एडीएम को दिया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि सभी तहसीलदारों को धनगर समाज के एससी प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए जाएं। इस दौरान पूर्व विधायक मिथलेश पाल, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह धनगर, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन सत्यपाल पाल, तरुण पाल, मांगेराम कैडी, श्रीपाल धनगर, अंकुर पाल धनगर, सुरेश चंद्र धनगर, विनय कुमार आदि शामिल रहे।
दूसरे संगठन ने किया विरोध
मुजफ्फरनगर। धनगर समाज के दूसरे पक्ष के लोगों ने गडरिया की उपजाति सहला निखर पर अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। भगवती मंदिर केवलपुरी में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय धनगर ने कहा कि 22 फरवरी को उन पर हमला करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए। बैठक में जिलाध्यक्ष शिव सिंह धनगर, रजनीश धनगर, सभासद विजेंद्र धनगर, देशबंधु तोमर, रोहिताश धनगर, सुनील पटवारी, ब्रह्म सिंह आदि शामिल रहे।