मुजफ्फरनगर। जिले में डेंगू हर साल लोगों को डरा जाता है। डेंगू की चपेट में आने से जहां लोगों की मौत हो जाती हैं, सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल अक्तूबर और नवंबर माह में हर बार भर जाते हैं। बीते वर्ष जिला चिकित्सालय ने 115 सस्पेक्टेड मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे, जिसमें 36 डेंगू के पॉजीटिव पाए गए। डेंगू से बचाव के लिए बार अभी से प्रयास शुरू हो गए हैं।
डेंगू का मच्छर सितंबर से नवंबर तक पनपता है। डेंगू की बीमारी 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 72 से 80 प्रतिशत आर्द्रता के मौसम में होती है। जिला चिकित्सालय में बीते वर्ष 11 सितंबर से लेकर 16 नवंबर तक 115 डेंगू के संदेहास्पद मरीजों के सेम्पल मेरठ मेडिकल में जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से 36 पॉजीटिव पाए गए। सरकारी रिकार्ड के अनुसार तो बीते वर्ष डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई, लेकिन निजी चिकित्सकों के यहां उपचार कराकर मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली के अस्पतालों तक पहुंचने वाले तीस से अधिक लोगों की मौत बीते वर्ष डेंगू से ही हुई। जिनका कोई रिकार्ड जिला चिकित्सालय में नहीं है। डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए इस बार चिकित्सा विभाग अभी से तैयारी कर रहा है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि 16 मई को डेंगू दिवस पर लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे। मिश्रा का कहना है कि घर के बर्तनों, कूलर, पानी की टंकी, फ्रिज की पीछे की ट्रे, घरों के आसपास पडे़ टायर, टूटे लोहे एवं प्लास्टिक के पात्रों में पानी एकत्र न होने दे। डेंगू का मच्छर इन्हीं में पनपता है।
डेंगू के साधारण लक्षण
तेज सिर दर्द एवं बुखार का होना
मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना
जी मिचलाना एवं उल्टी होना
गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना
लक्षण होने पर क्या करें
तेज बुखार होने पर पेरासीटामॉल ले सकते हैं अथवा ठंडे पानी से शरीर को पोछें
डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा वैक्सीन नहीं है
औषधियों का सेवन डाक्टरों की सलाह से करें