किसानों ने मुख्य लेखाकार को बंधक बनाया
मोरना।
दि गंगा किसान चीनी मिल मोरना में किसानों ने गन्ना सट्टा कलेंडर में भारी धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा करते हुए मुख्य लेखाकार को बंधक बनाया।
किसानों ने गन्ना माफिया द्वारा मिल गेट और खाईखेड़ी मिल गन्ना तौल सेंटरों पर अवैध रूप से गन्ना सट्टा चलाकर मिल सुपरवाजरों व गन्ना सोसायटी के माध्यम से अवैध कमाई का आरोप लगाया। किसानों ने गन्ना सप्लाई बंद कर पेराई सत्र के शुरूआत के गन्ना सप्लाई कलेंडर को अमल में लाने व सीसीडीए लखनऊ के द्वारा मिल के बड़े किसानों की पर्ची पहले देने तथा छोटे किसानों को बाद में पर्ची उपलब्ध कराने के आदेश को खत्म कर किसानों को बराबरी का हक दिए जाने की मांग रखी। इस पर मिल गन्ना प्रबंधन की ओर से किसानों की समस्याओं को 48 घंटे में समस्याओं के हल करने का आश्वासन दिया। किसानों ने मांगे पूरी नहीं होने पर चार अप्रैल को मिल अधिकारियों को बंधक बनाकर धरना व प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
मोरना क्षेत्र में मिल में गन्ना आपूर्ति करने को लेकर गन्ना सट्टे की समय से पर्ची जारी न करने व पर्ची वितरण में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मिल प्रांगण में हंगामा खड़ा कर दिया। मिल चेयरमैन के पति देवेंद्र सिंह, गन्ना विकास परिषद चेयरमैन अजय सिंह, डायरेक्टर विकास चौधरी, डायरेक्टर संजीव, रालोद नेता बिन्नू राठी, बाबूराम राठी, राजपाल फौजी, फोंदी सतेंद्र, रामबीर सभासद, छोटा, जसविंदर, हरबीर सिंह, धर्मपाल सिंह, जगत सिंह, गुल्लू, विनीत, चंद्रवीर, मास्टर सुभाष, मनोज लंबरदार आदि किसानों ने मुख्य लेखाकार हर्षवर्धन कौशिक को बंधक बनाकर अपने बीच बैठाया। हर्षवर्धन कौशिक ने बताया कि किसानों की शिकायत पर केन कमिश्नर सहारनपुर के आदेश पर की गई जांच पर 750 गन्ना सट्टा सप्लाई को बंद करा दिया गया है। गन्ना संबंधित किसानों की समस्याओं को 48 घंटे में हल करा दिया जाएगा। चेयरमैन के पति देवेंद्र सिंह ने बताया कि तहसील जानसठ से रकबा सीडी को मिल प्रशासन ने मंगा लिया है, जिसको जिलेवार गन्ना रकबे को दर्शाकर किसानों के सटटे की लिस्ट मिल प्रांगण में चस्पा की जाएगी।