आयुष चिकित्सकों की सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर नियुक्ति को लेकर पहल शुरू हो गई है। आयुष से 14 चिकित्सक एलोपैथिक विभाग में तैनात किए जाएंगे। यह चिकित्सक आयुर्वेदिक के साथ एलोपैथ की दवाईयां भी लिख सकेंगे। हालांकि इसको आयुष विभाग ने एक आपत्ति जताई है, जिसमें चिकित्सक के साथ पूर्ण स्टाफ को तैनात किए जाने का पक्ष रखा है, ताकि आयुर्वेदिक की डिस्पेंसरी बंद होने से बचाई जा सके।
प्रदेशभर में चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके चलते सैकड़ों मरीजों पर एक चिकित्सक तैनात है। इससे इलाज में समस्याएं खड़ी हो गई है। ऐसे में चिकित्सकों का टोटा दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने आयुष विभाग से डॉक्टरों की नई तैनाती की योजना बनाई है। आयुष के चिकित्सकों को नजदीकी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती देने का निर्णय लिया है। स्थानीय स्तर पर विभाग ने जांच कर 14 चिकित्सकों को नजदीकी सीएचसी-पीएचसी पर तैनात किए जाएंगे। इनकी तैनाती के लिए पहल शुरू हो गई है। हालांकि आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति से पहले विभाग ने कुछ आपत्ति जताई है, क्योंकि आयुष की डिस्पेंसरी से चिकित्सकों के जाने से प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में विभाग चाहता है कि चिकित्सक के साथ डिस्पेंसरी भी सीएचसी-पीएचसी पर शिफ्ट की जाए, ताकि आयुर्वेदिक का भी पूर्ण कार्य चलता रहे। आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ आशा बजाज ने बताया कि उनके विभाग से 14 चिकित्सकों को स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किए जाने की लिस्ट तैयार की गई है। लेकिन, विभाग चाहता है कि चिकित्सक के साथ डिस्पेंसरी, समस्त स्टाफ को भी नजदीकी सीएचसी-पीएचसी पर तैनाती मिले। इसको लेकर डीएम से मिला जाएगा।