व्यावसायिक शिक्षकों ने किया कार्य का बहिष्कार
मुजफ्फरनगर। माध्यमिक कॉलेजों में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को बीते आठ माह से वेतन नहीं मिला। इससे खफा शिक्षकों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर दिया। डीआईओएस कार्यालय पर जाकर हंगामा किया। लिपिक का घेराव कर वेतन जारी करने की मांग की।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इंटरमीडिएट व हाईस्कूल स्तर पर दी जा रही व्यावसायिक शिक्षकों की अनदेखी की हद पार कर दी है। साल में मात्र 10 माह का मानदेय शिक्षकों का मिलता है। दस हजार रुपये प्रति माह का वेतन पिछले आठ माह से नहीं भेजा गया। जिले के राजकीय कॉलेजों समेत अन्य विद्यालयों में करीब 44 व्यावसायिक शिक्षक कार्यरत है। वेतन न मिलने से खफा व्यावसायिक शिक्षकों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर दिया। बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर डीआईओएस कार्यालय पर हंगामा किया। लिपिक जयगोपाल का घेराव कर अनेक आरोप लगाए। शिक्षकों का कहना था कि बजट मांगना और समय से देना विभागीय बाबुओ का काम है, लेकिन पिछले आठ माह से वे लोग अत्याचार का शिकार है। वेतन नहीं मिलने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि भुवन लिपिक पर उनका प्रभार है, बावजूद जयगोपाल लिपिक उनका वेतन जारी नहीं कर रहे है। जबकि डीआईओएस के खाते में 18 जुलाई को शासन ने वेतन का धन जारी कर दिया है। हंगामा की सूचना पर डीआईओएस ने शिक्षकों से वार्ता की। उन्हें जल्द वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया। शिक्षकों ने कहा कि यदि सोमवार तक वेतन नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान राजीव मोहन गोयल, रकम सिंह सैनी, मनोज दीक्षित, मोहित शर्मा, अनिल कुमार आदि शिक्षक शामिल रहे।