कूड़े से बिजली बनाने के लिए प्रोजेक्ट लगाने की कवायद
मुुजफ्फरनगर। नगर से निकलने वाले कूड़े से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट लगाने के सिलसिले में नीदरलैंड की कंपनी के प्रतिनिधियों ने शहर का भ्रमण किया। उन्होंने कई डलावघरों को देखा तथा यहां से कूड़ा उठाने तथा एटूजेड़ ग्राउंड में ले जाने तक की प्रक्रिया की जानकारी ली।
नगर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की नगर पालिका के पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते किदवईनगर के एटूजेड़ ग्राउंड में कूड़े के अंबार लगे हुए हैं। नीदरलैंड की कंपनी हॉनोरी कांसल ऑफ द किंगडम ऑफ नीदरलैंड यहां कूड़े से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट लगाना चाहती है। इसके लिए प्रशासन तथा नगर पालिका के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। कंपनी के प्रोजेक्ट डेवलपमेंट डायरेक्टर जरबेन टीमर, दिल्ली से अदिति तथा एक अन्य साथी के साथ मुजफ्फरनगर आए। मंगलवार को उन्होंने घरों से कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को देखा। इसके बाद कई डलावघरों का भ्रमण किया तथा यहां से कूड़ा उठाने तथा किदवईनगर के मैदान तक ले जाने के बारे में जानकारी ली। कंपनी को प्रतिदिन करीब 400 टन कूड़े की आवश्यकता होगी। अकेले मुजफ्फरनगर पालिका क्षेत्र से प्रतिदिन करीब 160 टन कूड़ा निकलता है। यदि बिजली बनाने का यह प्लांट लगता है तो आसपास के नगर निकायों के कूड़े की खपत भी इसमें हो जाएगी। नगर निकायों की कूड़ा निस्तारण की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।