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मुसीबत बन गई है जलालाबाद बिजलीघर से चरथावल की आपूर्ति

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मुसीबत बन गई है जलालाबाद बिजलीघर से चरथावल की आपूर्ति
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चरथावल। जलालाबाद बिजलीघर से आ रही चरथावल की विद्युत लाइन लोगों की दिक्कतों में इजाफा कर रही है। हवाओं के झोंकों में यहां की आपूर्ति ठप रहना शगल बन चुका हैँ। जंगलों में पेड़ों के बीच बनी लाइन में फाल्ट आने से लाखों उपभोक्ता परेशान हैं।
शामली जनपद के जलालाबाद से करीब आठ साल पहले चरथावल की आपूर्ति चालू होने के बाद कस्बे के अलावा कई गांवों के लोगों में विद्युत समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि जंगल में पेड़ों के बीच बनी लाइन से लोग परेशान हैं। मामूली हवा अथवा बूंदाबांदी में यहां की आपूर्ति 24 से 48 घंटों तक बाधित रहती है। कई बार कस्बे के लोग यह मुद्दा विधायक एवं सांसद के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जर्जर लाइन के संबंध में बातचीत में पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंघल कहते हैं कि पहले लालूखेड़ी से चरथावल को आपूर्ति होती थी। हालांकि जलालाबाद बिजलीघर से जुड़ने के बाद समस्या घटने के बजाय बढ़ गई है। जिला पंचायत सदस्य राकेश वशिष्ठ बताते हैं कि करीब 29 किलोमीटर लंबी लाइन मानक के विपरीत बनी हुई है। कस्बे के किसान सुनील दत्त त्यागी, जयप्रकाश त्यागी और असलम त्यागी कहते हैं कि आजादी के बाद से चरथावल क्षेत्र की जनता बिजली की समस्या से परेेेशान है। जंगलों की आपूर्ति पूरी रात गायब रहने के कारण फसलें चौपट हो रही हैं।
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रात में बिजलीघर पर नहीं मिलता कर्मचारी
चरथावल। चरथावल की बिजली रात को खराब होने या मामूली फाल्ट आने के बाद अगले रोज ही ठीक हो पाती है। चूंकि बिजलीघर पर रात को कोई लाइनमैन के अलावा जेई निवास नहीं करते हैं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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जलालाबाद से चरथावल के बीच 29 किलोमीटर लंबी लाइन जंगलों के बीच होकर आ रही है। जब भी तेज हवा और बारिश होती है, तभी फाल्ट को ढूंढने में काफी परेशानी होती है। बधाई कलां में बन रहे नए बिजलीघर के बाद ही समस्या हल हो पाएगी। उसका अभी सिर्फ 12 प्रतिशत कार्य हो पाया है।
सोमदत्त शर्मा अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड ग्रामीण
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