निजी अस्पतालों में आज नहीं मिलेगी चिकित्सा सुविधा
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी बंगाल में जूनियर डॉक्टर्स पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में आईएमए ने 24 घंटे की हड़ताल का एलान किया है। जिले के निजी चिकित्सक सोमवार को चिकित्सा कार्य नहीं करेंगे। इमरजेंसी और भर्ती मरीजों को छोड़कर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं बंद रहेंगी। आईएमए ने डाक्टर्स पर हमले के आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की मांग की है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पश्चिमी बंगाल में डाक्टर्स पर हमले की घटना के विरोध में जिले के निजी चिकित्सक आज ओपीडी नहीं करेंगे। सोमवार को सवेरे छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक हड़ताल रहेगी। आईएमए के प्रेस सचिव डा. सुनील सिंघल ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं तथा अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छोड़कर अन्य कोई चिकित्सा कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की मांग है कि डाक्टरों व अस्पतालों पर हिंसा के विरुद्घ सख्त कानून बनाया जाए। हिंसा करने वालों को आतंकवाद मानते हुए गिरफ्तार का प्राविधान हो तथा पश्चिमी बंगाल में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। निजी चिकित्सकों की हड़ताल के चलते जिले की चिकित्सा सेवाओं पर बुरा असर पड़ेगा। मरीज केवल सरकारी अस्पतालों के भरोसे रह जाएंगे। आईएमए की हड़ताल को देखते हुए सरकारी चिकित्सकों को सतर्क कर दिया गया है। सीएमओ डा. पीएस मिश्रा का कहना है कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
सरकारी चिकित्सक भी जताएंगे विरोध
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी बंगाल में डाक्टरों पर हमले की घटना के विरोध में सरकारी चिकित्सक भी काला दिवस मनाएंगे। शनिवार को भी चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था। महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अमिता गर्ग ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं आम दिनों की तरह मिलेंगी, लेकिन पश्चिम बंगाल की घटना के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।