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शुकदेव आश्रम में भागवत कथा का समापन

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मोरना। शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम में विश्व शांति सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हो गया। इस दौरान कथा व्यास देवकीनंदन ने कहा कि अहंकार त्याग कर गुरु द्वारा दिए गए मंत्र को अपनाने से कल्याण होता है
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शुकदेव पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि आज देश में जगह-जगह कथाएं और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है। लेकिन जितने भी अधिक से अधिक धर्म कृत्य हो रहे है, उतना समाज में बदलाओ प्रतीत नहीं हो रहा है, जितना होना चाहिए। उतना धार्मिक आध्यात्मिक व्यवहार नहीं है। जबकि देश में लाखों कथाकार हैं। ज्ञान से विभूषित विद्वान कथावाचक की वाणी श्रोताओं के जीवन में बदलने में समर्थ होती है। आज देवकीनंदन जैसे विद्वान कथाकारों की आवश्यकता है। भागवत कथा एक मात्र ऐसी कथा है, जिसके श्रवण मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। कथा व्यास देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने कहा अहंकार त्याग कर गुरु द्वारा दिए गए मंत्र को अपनाने से कल्याण होता है। नष्ट होने वाली वस्तुओं के प्रति आकर्षण नहीं होना चाहिए। जो लोक में भी और परलोक में भी संग रहे। उस वस्तुरुपी भगवान नाम का स्मरण प्रति छण करना से सदगति की प्राप्ति होती है। राधा नाम ही हमारा वास्तविक धन है। जो कभी नष्ठ नहीं होता। जीवन में कष्ठ हमारी धैर्य की परीक्षा लेते हैं, जिनसे मानव को घबराना नहीं चाहिए, अपितु आत्मबल के साथ भगवान का स्मरण कर जीवन में आगे बढ़े, निश्चित आपको सफलता मिलेगी। इस दौरान मुख्य यज्ञमान मुकेश पांडे ने देश के कौने कौने से आए श्रद्धालुओं की आस्था को प्रणाम करते हुए आभार जताया। इस मौके पर महामृत्युंजय सेवा मिशन अध्यक्ष संजीव शर्मा, एसपी अग्रवाल, सुरेश गोयल, सतीश गर्ग, मनोज शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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