चरथावल। चरथावल समेत दर्जन भर गांवों की आपूर्ति जलालाबाद बिजलीघर से जुड़ी है। जंगलों से गुजर रही विद्युत लाइन में अक्सर फाल्ट आने से लाखों क्षेत्रवासी परेशान है। मामूली हवाओं और बारिश में 24 से 48 घंटों तक आपूर्ति ठप रहना आम बात हो गई है। सोमवार रात 1मामूली हवा से पोल टूटने से 12 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
आठ साल पहले जलालाबाद से चरथावल की आपूर्ति चालू होने के बाद दर्जन भर गांवों के लोगाें को विद्युत समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी। मगर, पेड़ों के बीच खींची गई विद्युत लाइन से लोग परेशान है। मामूली हवा अथवा बारिश बूंदाबांदी में आपूर्ति दो दिन तक ठप हो जाती है। कई मर्तबा कस्बे के लोग यह मुद्दा विधायक एवं सांसद के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। पूर्व चेयरमैन सुधीर सिंघल ने बताया कि आठ साल पहले चरथावल बिजलीघर जलालाबाद बिजलीघर से जुड़ा था। तब से समस्या घटने के बजाए बढ़ गई है। मेडिकल स्टोर स्पवामी सुशील कुमार एवं जिला पंचायत सदस्य राकेश वशिष्ठ बताते है कि करीब 29 मीटर लंबी लाइन मानक के विपरीत बनी हुई है। किसान सुनील दत्त त्यागी, जयप्रकाश त्यागी, असलम त्यागी, सभासद सत्तार त्यागी ने बताया कि दिन में आपूर्ति मात्र 5-6 घंटे आने से खेतों की प्यास नहीं बुझ पाती है। कम वोल्टेज में मोटर पानी नहीं उठाता है।
जलालाबाद से चरथावल के बीच 29 किलोमीटर लंबी लाइन जंगलों के बीच होकर आ रही है। जब भी तेज हवाओं आंधी अथवा बारिश होती है तभी फाल्ट को ढूंढने में काफी परेशानी होती है। बधाई कलां में बन रहे नए बिजलीघर के बाद ही समस्या हल हो पाएगी। उसका अभी सिर्फ 12 प्रतिशत कार्य हो पाया है। - सोमदत्त शर्मा अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड ग्रामीण।