फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहन बेटियों के सम्मान से देश का सम्मान जुड़ा-महाराज

विज्ञापन
विज्ञापन
दीक्षा जीवन का श्रेष्ठ संस्कार : देवकी नंदन
विज्ञापन

मोरना। विश्व शांति दूत स्वामी देवकी नंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा कि दीक्षा जीवन का श्रेष्ठ संस्कार है। सत्संग से समस्याओं का समाधान होता है। बहन और बेटियों के सम्मान से ही देश का सम्मान जुड़ा है। जो व्यक्ति मृत्यु का भय नहीं करता, वह पापी बन जाता है। सुखी वही होते हैं, जो भगवान के शरणागत हो जाते हैं। मृत्यु निश्चित है। मानव मृत्यु को महोत्सव बनाए तो मुक्ति का मार्ग स्वयं खुल जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन्हें भजन प्यारा है, वह टीवी देखे, जिन्हें आत्मा से प्यार है, वह भागवत कथा सुने।
तीर्थ नगरी शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम में आयोजित साप्ताहिक भागवत कथा के तीसरे दिन ठाकुर महाराज ने कहा कि ईश्वर वादी बनो, रसावादी नहीं। कृष्ण-कृष्ण कहते मृत्यु हो जाए तो वह अमृत है। जो अपने आप में रमण करें उसको आत्माराम कहते हैं। आज के कलियुग में कथाओं में भी मोबाइलों पर चेटिंग होती रहती है। मनोरजंन के लिए टाइम होना चाहिए। भगवान ने संसार की रचना कर स्टोरी बनाई। जो भक्ति करते वह नायक, जो धर्म के विरुद्ध चले वह खलनायक होता है। जो भगवान का हो जाए, उससे बड़ा नायक नहीं। जो अपने धर्म रूपी जीवन को भुला दे, वह सच्चा नायक होता है। आपका प्रत्येक कर्म भगवान को समर्पित होना चाहिए, आत्म कल्याण होगा। जो परिवार को संगठित कर दे, वह राम है, जो परिवार का विघटन करे, वह रावण रूपी होता है। माता-पिता को कलंकित करना हो, तो बेटी का कदम घर से निकाल दें। ढाई साल की बच्ची को मारने वाले कारणों को जड़ से निपटाए, तो बेटियां स्वयं सुरक्षित हो जाएंगी। शादी के तुरंत बाद गृहस्थ जीवन को समझना चाहिए, यह विदेश में जाकर अपनी संस्कृति के विनाश करने से कहीं अधिक अच्छा है। मानव को यह जीवन ईश्वर की प्राप्ति के लिए मिला है। अगर आपका ध्यान धर्म में नहीं है, तो आपका कथा में आना व्यर्थ है। दुनिया को नहीं बदल सकते, अपने आप को सुधारना आसान है। जन्म व जीवन लक्ष्य ही जीवन के खूबसूरत पल है, कुछ भी करके धर्म की मर्यादा में अपने लक्ष्य हासिल करें। जो मन से कथा सुनते है उनके सारे संदेह भ्रम दूर हो जाते हैं। जो अपने बड़ों, गुरु की बात के विरुद्ध जाते हैं, उनका कभी भला नहीं होता। बेटियां सीता बनकर रहेंगी, तो परिवार चलेगा।
विज्ञापन


दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज कथा में पहुंचे
कथा के शुभारंभ पर नगर के ब्रह्मपीठ से पधारे मुख्य अतिथि दंडी स्वामी महादेव आश्रम महाराज ने कहा कि भागवत श्रवण करने से राजसी, तामसी, तत्व नष्ट हो करके सात्विक तत्व की वृद्धि होती है। भागवत इस कलीकाल में कल्पवृक्ष समान कार्यरत है। जिसको श्रवण करने मात्र से ही समस्त कामनाओं की पूर्ति होती है। भागवत कोई साधारण ग्रन्थ व पोथी नहीं है। वह शाक्षात भगवान श्रीकृष्ण का विग्रह है।

भागवत ग्रंथ समस्त शास्त्र पुराणों का रत्न
कथा में पधारे तिलकधारी आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी विष्णू आचार्य महाराज ने कहा कि भागवत ग्रन्थ समस्त शास्त्र पुराणों का बहुमूल्य रतन है। इसी कारण भागवत को महापुराण की संज्ञा दी गई है। भागवत के महात्मय से प्रमाण मिलता है भागवत समस्त पापों का नाश करती है। इसलिए मानव को समय मिलते ही भागवत के शरणागत हो जाना चाहिए।
विज्ञापन


पुरातन पद्धति शिक्षा से संपूर्ण विकास होगा : महाराज
शुकदेव आश्रम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कथा व्यास देवकी नंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि पुरातन पद्धति शिक्षा से सम्पूर्ण विकास होगा। जघन्य पाप हो रहे है ,व्यक्ति की दया खत्म होने से वह हिंसक प्रवृति को अपना कर जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहा है। युवा जो समाज में हो रहा उसी को देखता है, अपराधों को रोकना होगा। फिल्मों के द्वारा गंदे दृश्यों को रोकने का काम सरकार को तुरंत करना चाहिए। बच्चियों से रेप करने वालों को पंाच दिन में सजा हो जानी चाहिए। देश व प्रदेश की सरकारें अच्छा कार्य कर रही हैं, अधिक अच्छा तब होगा कि वह राम मंदिर का निर्माण कराए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें