किस्त रुकी तो मकानों पर नहीं डली छत
खतौली। केंद्र सरकार की आवास योजना की रफ्तार सुस्त हो गई है। गरीबों को घर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से 2.5 लाख रुपये दिए जाने हैं। आदर्श चुनाव आचार संहिता लगते ही मकान निर्माण की किस्त रोक दी गई थी। किस्तों के रुकने से कई जरूरतमंदों के मकान की छत नहीं डल सकी है। किसी भी पात्र गरीबों के आवास का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवास योजना को लागू किया था। इस योजना में पहली किस्त 50 हजार रुपये दी जाएगी, जो रकम लाभार्थी के सीधे खाते में ट्रांसफर होगी। दूसरी किस्त में 1.5 लाख मिलेंगे, जो लिंटर डालने के लिए दी जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 50 हजार रुपये लाभार्थियों को और मिलेंगे। यह इस योजना की तीसरी और आखिरी किस्त होगी। इस तरह से सरकार की ओर से लाभार्थियों को अपना मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। सन 2022 तक सबको घर देने की योजना है। लोकसभा चुनाव के कारण गरीबों को मकान बनाने के लिए किस्त रोक दी गई थी। किसी की दो किस्त आ चुकी है तो किसी को अभी पहली किस्त 50 हजार रुपये मिले हैं। नतीजतन गरीबों के मकानों का निर्माण रुक गया है। मकानों का निर्माण पूरा नहीं होने से गरीब लोग झोपड़ी डाल कर रहे हैं। या फिर किराए के मकान में गुजर बसर करने को मजबूर हैं।
किस्त रुकी तो बोले लोग
- मोहल्ला इस्लामनगर निवासी दिलशाद का कहना है कि उसकी पत्नी रेशमा के नाम से मकान निर्माण हो रहा है। उसके मकान की दो किस्त आ चुकी है। लोकसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं। मगर तीसरी किस्त नहीं मिली है। इसलिए मकान की छत नहीं डाल पाए हैं। मकान निर्माण पूरा होने तक वह किराए के मकान में रह रहे हैं।
- मोहल्ला इस्लामनगर की जरीना पत्नी रियाजुद्दीन का कहना है कि उसे मकान निर्माण के लिए अभी दो किस्त मिली है। तीसरी किस्त नहीं मिलने पर ही मकान का निर्माण पूरा होगा।
- इस्लामनगर की जमीला पत्नी मुन्ना का कहना है कि आखिरी तीसरी किस्त नहीं मिली है। मकान निर्माण न होने से उसने दूसरे के मकानों में सामान रखा है। वहीं पर रह रही है।
- मोहम्मद उमर ने बताया कि उसे भी दो किस्त मिल चुकी हैं। चुनाव के बाद किस्त नहीं मिली है। उसने बताया कि वह किराए के मकान में रह रहा है।
यह केंद्र सरकार की योजना है। जिन गरीब परिवारों की मकान निर्माण कराने के लिए किश्त रुक गई है। उनकी सूची बनाई जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों को लिखकर भेजा जाएगा। - इंद्राकांत द्विवेदी, एसडीएम खतौली।