मुजफ्फरनगर। आर्य समाज नई मंडी में वेद मंत्रोच्चार से यज्ञ के उपरांत पतंजलि योग धाम हरिद्वार के अध्यक्ष डॉ. स्वामी दिव्यानंद सरस्वती की अमूल्य सेवाओं का भाव पूर्ण स्मरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि स्वामी दिव्यानंद ने देश के लाखों व्यक्तियों को वैदिक संस्कृति से जोड़ा और समाज में पाखंड, अंधविश्वास के खिलाफ चेतना जगाई।
दयानंद मार्ग स्थित आर्य समाज में प्रसिद्ध आर्य संन्यासी स्वामी दिव्यानंद सरस्वती को नमन किया गया। उनकी आत्मा की शांति को दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने उनके जीवन सिद्धांतों, कार्यों की जानकारी दी। प्रधान आनंद पाल सिंह आर्य, यश पाल सिंह, मंगत सिंह आर्य, आरपी शर्मा, वीरेंद्र वर्मा, सुमन आर्य, सोमदत्त आर्य, राजपाल आर्य आदि मौजूद रहे। शोक सभा के बाद आर्य समाज के पदाधिकारी ने आचार्य गुरुदत्त आर्य के नेतृत्व में हरिद्वार को प्रस्थान किया। स्वामी दिव्यानंद सरस्वती के अंतिम संस्कार में भाग लिया। गांधी कालोनी स्थित आर्य समाज मंदिर में वेदों के मूर्धन्य विद्वान, तपोनिष्ठ, योगी स्वामी दिव्यानंद सरस्वती को यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर उनकी पावन स्मृति को नमन किया गया। समाज और राष्ट्र के प्रति स्वामी जी की उत्कृष्ट सेवाओं को याद किया गया। इंद्र पाल सिंह, विजय पाल सिंह, जवाहर लाल अरोरा, दिनेश ढिंगरा, संगीता आर्य, बेलड़ा प्रधान सोमपाल सिंह, गजेंद्र सिंह राणा, नीलम ढिंगरा, जय सिंह धीमान, ओमवती, प्रधानाचार्य अविनाश त्यागी आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।