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ग्लैक्सी पेपर मिल में भीषण आग लगी

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ग्लैक्सी पेपर मिल में भीषण आग लगी
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मुजफ्फरनगर। ग्लैक्सी पेपर मिल में भीषण आग लग गई। पेपर मिल के वेस्ट पेपर स्टॉक से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते गोदाम के साथ ही वाहन स्टैंड को भी चपेट में ले लिया, जिसमें मजदूरों की साइकिलें व अन्य सामान भी जल गया। आग की भयावहता देख मेरठ, सहारनपुर और बिजनौर से फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। अग्निशमन विभाग के दस वाहनों ने करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
शहर के जौली रोड स्थित ग्लैक्सी पेपर मिल के वेस्ट पेपर स्टॉक के पास शनिवार दोपहर करीब एक बजे आग लगी, जो देखते ही देखते वेस्ट पेपर्स के ऊंचे-ऊंचे बंडलों तक जा पहुंची। शुरूआत में फैक्टरी कर्मियों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग की लपटें लगातार बढ़ते हुए सब कुछ चपेट में लेती चली गईं। इस पर करीब दोपहर करीब डेढ़ बजे फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी गई, जिस पर सीएफओ रमाशंकर तिवारी व एफएसओ ऋषभ पंवार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियों को एक साथ आग बुझाने पर लगाया गया, लेकिन हालात कंट्रोल से बाहर होते देख मेरठ, सहारनपुर व बिजनौर से भी अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को बुला लिया गया। इसके साथ ही पेपर मिल एसोसिएशन की भी चारों गाड़ियों को आग बुझाने पर लगा दिया गया, इसके बावजूद आग लगातार प्रचंड रूप लेते हुए फैक्टरी के गोदाम व स्टैंड तक जा पहुंची, जहां मजदूरों के वाहन खड़े हुए थे। अग्निकांड में जहां एक ओर लाखों का वेस्ट पेपर जलकर राख हो गया, वहीं मजदूूरों के कई वाहन भी जल गए। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब छह बजे आग पर काबू पाया जा सका। सीएफओ रमाशंकर तिवारी ने बताया कि आग पर तो काबू पा लिया गया है, लेकिन फिलहाल अग्निकांड से हुए नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है। फैक्टरी प्रबंधन भी फिलहाल नुकसान को लेकर आंकड़े जुटा रहा है।
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पानी को लेकर उठानी पड़ी भारी दिक्कतें
मुजफ्फरनगर। जौली रोड स्थित ग्लैक्सी पेपर मिल में लगी आग पर काबू पाने के दौरान दमकल विभाग को पानी की कमी का सामना करना पड़ा। सीएफओ रमाशंकर तिवारी ने बताया क्रि फैक्टरी में आग पर काबू पाने के लिए लगाए जाने वाले जरूरी हाइड्रेंट चालू हालत में ही नहीं मिले। इसके चलते एक अन्य पेपर मिल में पानी भरने के इंतजाम किए गए, जिसके बाद आग बुझाने के दौरान बार-बार गाड़ियों को ग्लैक्सी से दूसरी पेपर मिल तक पानी लाने के लिए दौड़ लगानी पड़ी। इसके चलते आग पर प्रभावी तरीके से काबू नहीं पाया जा सका।
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