रोहाना समिति में मृतकों के नाम पर चल रहे फर्जी कार्ड
रोहाना। गन्ना समिति क्षेत्र के गांव में मृतकों के फर्जी कार्ड धड़ल्ले से चलने का मामला प्रकाश में आया है। कई साल पहले जिन किसानों की मृत्यु हो गई थी, उनके कार्डों पर उनके परिजन धड़ल्ले से गन्ना तुलवा रहे हैं, जिससे आम किसानों को पर्याप्त गन्ना इंडेंट नहीं मिलने से पूरे सीजन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। पेराई सत्र के पांच महीने बाद भी फर्जी कार्डों पर विराम नहीं लगने से समिति के अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।
रोहाना सहकारी गन्ना विकास परिषद के गन्ना पर्यवेक्षकों द्वारा प्रत्येक वर्ष की तरह वर्ष 2018-2019 के लिए किसानों का गन्ना सट्टे का सर्वे किए जाने का नियम है। समिति के आंकड़ों के मुताबिक चालू पेराई सत्र में 1600 किसान मृत पाए जाने पर उनके सट्टे कार्ड बंद किए गए थे। इसके बावजूद समिति के रोहाना कलां गांव में दर्जनों मृतक किसानों के नाम आपूर्ति के लिए इंडेंट पूर्ववत जारी हो रहा है। जबकि पर्यवेक्षकों द्वारा विभागीय अफसरों को सत्यापित सूची भेजी गई थी, उसके बाद भी कार्ड बंद किए जा रहे है। रोहाना के अलावा यह खेल बलवाखेड़ी आदि कई गांवों में चल रहा है। लेकिन पूरे सीजन गन्ना विभाग ने कार्डों को बंद कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ली । यहां तक एक किसान के दो-दो कार्ड चलने की शिकायत की है। ग्रामीण विदुर त्यागी ने इस संबंध में आला अफसरों को शिकायत की है।
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एससीडीआई को सौंपी है जांच: गन्ना उपायुक्त
रोहाना। गन्ना उपायुक्त दिनेश्वर मिश्रा ने बताया कि एससीडीआई को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उधर, एससीडीआई विनोद कुमार ने बताया कि शिकायत के बाद कुछ मृतक के कार्डों पर रोक लगाई गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद उच्चाधिकारियों को कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।