मुजफ्फरनगर। रसोई की साज-सज्जा और खाने का स्वाद बिन मसालों के सूना है। मामूली मुनाफे के लालच में मिलावट स्वाद के साथ सेहत से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। मसालों में मिलावट का खेल सामने आया है। हल्दी और मिर्च में घातक केमिकल युक्त रंग पाए गए हैं। यह रंग शरीर के कई अंगों को प्रभावित करते हैं। प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में मसालों के 12 सैंपल में से नौ फेल आए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान चलाकर हल्दी और मिर्च के 12 सैंपल भरे हैं। यह सभी सैंपल मसाला चक्की से लिए गए। सैंपल को भरकर लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया। यहां से जो रिपोर्ट आई है वह काफी डराने वाली है। यदि खाने में चटकीलापन, तीखापन रखते हैं तो सचेत होने की जरूरत है। खुले रुप में बिकने वाले मसालों में मिलावट की जा रही है। इन मसालों में ऐसे कलर मिलाए जा रहे हैं, जो स्वाद के साथ सेहत पर भारी है। लैब से मिर्च में सूडान-3 और 3 सिंथेटिक कलर पाया गया है। जो मिर्च को चमकीला बनाया जा रहा है। हल्दी में मैटेनिलयेलो कलर मिला है। यह रंग भी केमिकल युक्त है। डीओ विनीत कुमार ने बताया कि हल्दी-मिर्च में सिंथेटिक कलर पाए गए हैं। 12 में से 9 सैंपल फेल आए हैं। सभी मिलावटखोरों के खिलाफ एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर किए गए हैं।
साबुत हल्दी में लैड क्रॉमेट केमिकल
विभाग ने जनपद में अभियान चलाकर पिसे और साबुत दोनों मसालों की जांच की है। पूर्वांचल क्षेत्र में साबुत हल्दी को लैडक्रॉमेट केमिकल में भीगोकर रखा जाता है। ताकि इसमें पीलापन तैयार हो जाए। जबकि पिसी हल्दी में पीला रंग मिला है। इतना ही नहीं मिर्च और धनिया में चोकर मिलाकर पीसा जा रहा है। यह बेहद घातक है। यह खाने में अधिक खतरनाक है।
आंत का कैंसर होने का खतरा
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि सूडान-2, 3 रेड कलर है। जो वस्तु को अधिक लाल बनाने में काम आता है। जबकि मैटेनिलयेलो सिंथेटिकल कलर है। दोनों रंगों के प्रयोग से पेट में इनफेक्शन, जलन, लीवर में कमी, लूज मोशन के अलावा आंत का कैंसर होने का खतरा सबसे अधिक है। इसके अलावा सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल से फेफड़ों और ब्लड कोशिकाओं पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
ऐसे करें पहचान
मिर्च में रंग की पहचान के लिए एक चम्मन मिर्च को एक गिलास पानी में घोल लें। करीब 10 मिनट रखें। यदि मिलावट नहीं है मिर्च पानी में नीचे बैठ जाएगी। मिलावट है तो उसका कलर पानी की ऊपरी सतह पर दिखने लगेगा। जबकि हल्दी में केवल प्रयोग करने पर मिलावट का पता चलता है।