परीक्षा की तैयारी में दुश्मन बनी बिजली
मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होगी, लेकिन परीक्षार्थियों की तैयारियों में बिजली दुश्मन बनी है। खासकर दिक्कत गांवों में बनी है। गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश हैं, जबकि सुबह और शाम में कट लगता है। इससे अधिक परेशानियां खड़ी हो गई है। उधर, परिवहन निगम ने भी परीक्षाओं को लेकर कमर कस ली है। परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों को पहुंचाने के लिए डिपो की बसों के रूट बदले जाएंगे।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं छह फरवरी से प्रारंभ होंगी। परीक्षा की तैयारियों में डीआईओएस कार्यालय के साथ छात्र-छात्राएं लगे हैं। कोर्स को रिवाइज करने के साथ छात्रों ने टाइम टेबल बनाकर अध्ययन शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र में कोई खास परेशानी नहीं है, क्योंकि यहां पर 24 घंटे आपूर्ति की जा रही है। सबसे अधिक परेशानी गांव-देहात में है। गांव में बिजली आपूर्ति का समय 18 घंटे है। जबकि आपूर्ति में कट लगने का समय गलत तरीके से निर्धारित है। रोजाना कट शाम को 5:30 बजे से लेकर रात्रि 9:30 बजे तक करीब चार घंटे का बिजली झटका देती है। यही समय छात्रों के पढ़ाई का है। जबकि सुबह के वक्त 9:30 से 11:30 बजे तक कट लग रहा है। विद्युत नगर अभियंता अश्वनी कुमार ने बताया कि अभी तक यूपी बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर शेड्यूल में बदलाव का कोई आदेश नहीं आया है। शासनादेश आने पर ही आपूर्ति में कुछ बदलाव किया जाएगा। उधर, परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए रोडवेज बसों का मार्ग बदलने के साथ समय भी बदला जाएगा, ताकि परीक्षार्थियों को कोई परेशानी नहीं उठानी पड़े। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परीक्षाओं के मद्देनजर बसों को लेकर योजना बनाई जा रही है। परीक्षा केंद्रों की लोकेशन के आधार पर बसों को चलाया जाएगा।