सेवानिवृत्ति पर दो दरोगाओं को विदाई
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। पुलिस विभाग में 38 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद थाना मीरापुर से दो उप निरीक्षक सेवानिवृत्त हो गए। थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों ने दोनों की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें विदाई दी। थाना मीरापुर में तैनात दरोगा ऋषिपाल सिंह और महिला दरोगा आशा रानी को थाने में आयोजित कार्यक्रम में विदाई दी गई। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने दोनों दरोगाओं की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आशा रानी और ऋषिपाल समय समय पर अपने साथियों का मार्गदर्शन करते रहे। विदाई समारोह में दोनों दरोगाओं को पुष्पमाला पहनाकर स्टाफ की ओर से शाल भेंट किए गए। इस अवसर पर एसएसआई जितेंद्र सिंह यादव, विरेंद्र सिंह, राजेंद्र गिरि, समय सिंह, शीतल शर्मा, रामकुमार, शिवकुमार, विनय, जितेन्द्र कुमार, धर्मेंद्र, मोहित, मगन सिंह, संजय कुमार, रूचिका, सोनम, अंजू, प्रियंका आदि उपस्थित रहे।
12 के विरुद्ध बिजली चोरी का मुकदम
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। विद्युत विभाग की टीम ने कस्बे में छापामारी कर 12 लोगों के विरुद्ध विद्युत चोरी करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई। जेई संजय कुमार के अनुसार मोहल्ला कबूलपुरा निवासी सुनील शर्मा, दीपक, महावीर सिंह, धीरज, बाबूराम, संतोष कुमार, दिनेश कुमार, निखिल, मौहल्ला कोटला निवासी राकेश, विनोद, जमील, पवन आदि के विरुद्ध विद्युत चोरी करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोप है कि इन सभी लोगों के बकाएदारी के कारण कनेक्शन कटे थे, लेकिन अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे।
पटेल और इंदिरा को याद किया
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। बसंत शिक्षा सदन इंटर कालेज में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती एंव पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शहीद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को राष्ट्रीय एकता व अखंडता की शपथ दिलाई गई। विद्यालय प्रबंधक ने दोनों राष्ट्रीय नेताओं के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला। शिक्षक वेदप्रकाश ने दोनों नेताओं के प्रेरक जीवन से प्रेरणा ग्रहण करने की अपील की। संचालन शेखर सिंह ने किया। शिवकुमार, अंकुर कुमार, सेवाराम, लक्ष्मी, प्रविंद्र, अनुज कुमार, योगेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
देवोत्थान एकादशी मनाई
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। देवोत्थान एकादशी के पावन पर्व पर क्षेत्र में अनेक विवाह समारोह की धूमधाम रही। घरों में भी देव पूजन तथा तुलसी पूजन का आयोजन किया गया। पूजन के उपरांत सिंगाड़ा व शकरकंदी आदि का प्रसाद ग्रहण किया गया। उधर, पूजा सामग्री में गन्ने को भी शामिल कर पर्व को कृषक जीवन से जोड़ा गया। सड़कों पर भी आवागमन बढ़ा रहा। रोडवेज और प्राइवेट बसों में यात्रियों की संख्या अधिक रही।