14 इंडस्ट्रियों पर लटकी एनजीटी की तलवार
मुजफ्फरनगर। धंधेड़ा और भंडूरा नाले में दूषित जल डालने वाली 14 और इंडस्ट्रियों पर एनजीटी की तलवार लटकी हुई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 24 अक्तूबर तक इंडस्ट्रियों की एनजीटी में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। रिपोर्ट का परीक्षण और सुनवाई के बाद इन इंडस्ट्रियों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। अधिकांश इंडस्ट्रियों में मानकों के अनुरूप कार्य नहीं मिला है। सभी इंडस्ट्रियों का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल का सैंपल लिया है। लैब में जल का परीक्षण होने के बाद संदेहजनक वस्तुएं पाई गई हैं।
धंधेड़ा और भंडूरा नाले में दूषित जल के कारण काली नदी भी प्रभावित हो रही है। जनपद से इन दोनों नालों के साथ ही अनेक स्थानों से जल को लेकर काली नदी मीलों तक बहती है। धंधेड़ा और भंडूरा नाले का जल प्रदूषित होने के कारण क्षेत्र और भूजल प्रभावित हो रहा है। इसकी शिकायत की गई तो एनजीटी ने स्वत: मामले का संज्ञान लिया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दोनों नालों में पानी डालने वाली इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट मांगी है, जिसके चलते बोर्ड ने 33 इंडस्ट्रियों की जांच कर 19 की रिपोर्ट एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत कर दी। अब बाकी 14 इकाइयों की जांच-पड़ताल की जा रही है, जिनकी स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट बनाई गई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 14 इंडस्ट्रियों में प्रदूषण के मानकों की जांच-पड़ताल की है। इंडस्ट्रियों से जल के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी लैब में जांच की गई है। अधिकांश के जल में मानकों से अधिक प्रदूषण होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल बोर्ड रिपोर्ट बना रहा है। इस रिपोर्ट को 24 अक्तूबर को एनजीटी के समक्ष रखा जाएगा। यहां पर एनजीटी की तीन सदस्यीय पीठ रिपोर्ट का अवलोकन करने के साथ ही क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी सवाल-जवाब करेगी। इससे इन इंडस्ट्रियों पर भी एनजीटी की कार्रवाई की तलवार लटकी गुई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई विपुल कुमार ने बताया कि 14 इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसे 24 अक्टूबर को एनजीटी के समक्ष रखा जाएगा। यहीं से इंडस्ट्रियों पर कार्रवाई का रुख तय होगा।
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प्रभावित क्षेत्रों का भी बनेगा ब्योरा
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भंडूरा-धंधेड़ा के साथ काली नदी के दूषित जल से प्रभावित हो रहे क्षेत्र का भी ब्योरा बनाने में जुटा है। इनके माध्यम से कितने गांव, क्षेत्र प्रभावित हैं। इसकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। कूकड़ा, धंधेड़ा, भंडूरा आदि क्षेत्र में दर्जनों ग्रामीणों की ट्यूबवेल को दूषित जल आने के कारण प्रतिबंधित किया जा चुका है।
इन इंडस्ट्रियों की रिपोर्ट देगा बोर्ड
मुजफ्फरनगर। महालक्ष्मी पेपर मिल्स, शक्ति क्रॉफ्ट पेपर मिल, एके डुप्लेक्स लिमिटेड, त्रिरुपति बाला जी पेपर मिल्स, गैलेक्सी पेपर मिल, प्राइम पेपर मिल, डीएलएस पेपर मिल, श्रेयाश पेपर मिल्स, अरिस्टो पेपर मिल, रॉयल पेपर मिल, अरिहंत पेपर मिल्स समेत 14 इंडस्ट्री शामिल हैं। यह सभी इंडस्ट्री भोपा रोड, जानसठ रोड और मेरठ रोड पर बनी हैं।