मुजफ्फरनगर। चिकित्सक के ट्रांसफर रुकवाने के लिए लखनऊ में हुए घटनाक्रम को लेकर अफसर हैरान हैं। जिला क्षय रोग विभाग में मुखिया के रूप में तैनात डॉ राधेश्याम का पिछले माह बिजनौर तबादला हो चुका है। फिलहाल उन्हें रिलीव नहीं किया गया। डॉ राधेश्याम विभाग से छुट्टी लेकर बाराबंकी गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने क्षय रोग विभाग का निरीक्षण किया।
डॉ राधेश्याम वर्मा मुजफ्फरनगर के जिला क्षय रोग अधिकारी के रूप में 19 दिसंबर 2016 को नियुक्त हुए थे। वह बाराबंकी से तबादला होकर यहां आए थे। पिछले नौ महीने से डॉ वर्मा विभाग में मुख्य अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे थे। अचानक स्वास्थ्य विभाग ने उनका तबादला बिजनौर कर दिया। बिजनौर के जिला चिकित्सालय में वह वरिष्ठ परामर्शदाता (फिजिशियन) के पद पर 16 अगस्त को ट्रांसफर हुए। हालांकि डॉ. राधेश्याम वर्मा को मुजफ्फरनगर से विभाग ने अभी रिलीव नहीं किया है। डॉ. वर्मा ने विभाग में अर्जी लगाकर बाराबंकी से कुछ पुस्तक और सामान लाने के लिए छुट्टी ले रखी है। पीडब्ल्यूडी जेई हरिओम के साथ वह लखनऊ कैसे पहुंचे और क्या करने गए हैं, इसकी विभाग को कोई जानकारी नहीं है।
लखनऊ में तबादला रुकवाने के लिए कृत्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं फैल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने क्षय रोग विभाग में शुक्रवार को निरीक्षण किया। कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर जांचने के साथ दवाइयों का स्टॉक और मरीजों की संख्या तक जांची। कर्मचारियों से पूछताछ की गई। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राधेश्याम वर्मा विभाग से छुट्टी लेकर बाराबंकी गए हैं। उनके लखनऊ में जाने की कोई जानकारी नहीं है।
रिलीव क्यों नहीं किए गए डॉ वर्मा
मुजफ्फरनगर के जिला क्षय रोग अधिकारी पद से उनका तबादला हुए 22 दिन बीत गए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया। इसको लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। हालांकि विभाग का कहना है कि जल्द ही उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा।