रब ने बना दी अजय-सीमा की जोड़ी, दो दिन बाद दुल्हन संग मथुरा लौटा दूल्हा
तितावी (मुजफ्फरनगर)। जोड़ियां आसमान से बनती हैं यह कहावत अजयवीर और सीमा के लिए बिल्कुल चरितार्थ साबित हुई। दहेज को लेकर बिगड़ी बात को सुलझाने में एसओ ने अहम भूमिका निभाई। दोनों पक्षों को समझाकर शादी करने को राजी कर लिया। इसके बाद बिना किसी शर्त और बिना बरात के ही अजयवीर और सीमा की शादी हुई। आखिर दो दिन बाद अजयवीर अपनी दुल्हन को लेकर मथुरा लौट गया।
तितावी के गांव सोहजनी जाटान निवासी सोमपाल ने अपनी बेटी सीमा का रिश्ता चरथावल के गांव मथुरा निवासी ध्यान सिंह के बेटे अजयवीर सिंह के साथ तय किया था। रविवार को दूल्हा बना अजयवीर बरात लेकर सोहजनी जाटान पहुंचा। सब ठीक चल रहा था, मगर घुड़चढ़ी से पहले ही दूल्हे के पिता ने लड़की पक्ष से एक लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने दूल्हा समेत पूरी बरात को बंधक बना लिया। खबर मिलने पर पुलिस भी आ गई। देर रात को पुलिस की मौजूदगी में ही फैसला हुआ कि साढ़े छह लाख रुपये जो लड़की पक्ष के खर्च हुए हैं, वो रुपये लड़का पक्ष देगा। ग्रामीण दस लाख की मांग पर अड़े रहे। हालांकि एसओ प्रवीण कुुमार ने साढ़े छह लाख रुपये में ही ग्रामीणों को राजी कर लिया। इसके बाद बरात को बंधकमुक्त किया गया। रात में ही बरात बैरंग लौट गई थी। रुपयों का इंतजाम नहीं होने पर दूल्हा और उसके पिता को ग्रामीणों ने गांव में ही रोक लिया था। हालांकि अजयवीर यह कहता रहा कि वह शादी सीमा से ही करेगा, चाहे तो उसकी तमाम संपत्ति सीमा के नाम करा लो।
सोमवार को इसकी जानकारी तितावी एसओ को मिली। एसओ और भाकियू नेता धीरज लाटियान ने प्रयास किया। समझाने पर दोनों पक्षों को राजी कर लिया। सीमा भी अजयवीर से शादी करने को रजामंद हो गई। वह फिर से दुल्हन बनी। इसके बाद बिना किसी शर्त के और बिना बरात के ही अजयवीर और सीमा के फेरे हुए। सबसे पहले एसओ ने 501 रुपये कन्यादान के दिए। इसके बाद सीमा की विदाई हुई। अजयवीर अपनी दुल्हन सीमा को लेकर मथुरा लौट गया।