मुजफ्फरनगर। जनपद में रेड कैटेगरी के अंतर्गत आ रहे 148 उद्योगों को 31 दिसंबर तक ऑनलाइन सतत उत्सर्जन और अपशिष्ट जल निगरानी प्रणाली उपकरण लगाने होंगे। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से ऐसा नहीं करने पर अत्यधिक उत्सर्जन करने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जनपद की ऐसी औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी करने के बाद क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ.गीतेश चंद्रा ने उद्यमियों के साथ बैठक कर नए दिशा निर्देशों की जानकारी दी।
जनपद में वायु प्रदूषण बार-बार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी ने बृहस्पतिवार को भोपा रोड स्थित बिंदलास पेपर मिल में जनपद के उद्यमियों के साथ बैठक की। बैठक में वायु प्रदूषण की स्थिति और किए जा रहे शमन उपायों का आकलन किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद में 148 उद्योगों को अत्यंत प्रदूषणकारी उद्योगों की श्रेणी मे रखा गया है।
उन्हें प्लांट में 31 दिसंबर तक ऑनलाइन सतत उत्सर्जन और अपशिष्ट जल निगरानी प्रणाली उपकरण उपकरण लगाने का समय दिया गया है। जिन्होंने अपने ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) को सीपीसीबी सर्वर से नहीं जोड़ा है, वे उसे जोड़ लें। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर की समय सीमा का पालन न करने वाले उद्योगों के खिलाफ बंद करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।