फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोककल्याण के कल्पवृक्ष थे स्वामी कल्याणदेव- स्वामी ओमानंद

विज्ञापन
शुकदेव आश्रम में शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव की जयंती पर पूजा अर्चना करते स्वामी ओमानंद महाराज? - फोटो : KHATAULI
विज्ञापन
लोककल्याण के कल्पवृक्ष थे स्वामी कल्याणदेव : स्वामी ओमानंद
विज्ञापन

मोरना। शिक्षाऋषि स्वामी कल्याणदेव महाराज की 146वीं जयंती भागवत पीठ शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ स्थित उनके समाधि मंदिर में कोविड 19 के कारण सादगी और परंपरागत रूप से मनाई गई। स्वामी ओमानंद ने आचार्यों और विद्वानों के साथ चरणाभिषेक किया। स्वामी ओमानंद ने कहा कि यह संयोग ही है कि 21 जून 1876 पर स्वामी जी का अवतरण हुआ था और 21 जून ही विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। परमार्थ में अपने जीवन को समर्पित करने वाले स्वामी कल्याण देव का लोक शिक्षण का कार्य अतुलनीय और वंदनीय है। मानवीय विशेषताओं का सदुपयोग करते हुए महानता के पथ पर चलने वाले स्वामी जी लोक कल्याण के कल्पवृक्ष के समान थे।
विज्ञापन

स्वामी ओमानंद ने कहा कि लोकजीवन को ऊंचा उठाना ही साधना है। कर्म, करुणा, प्रेम, सरलता और सादगी ने उन्हें महामानव बनाया। वह वास्तव में लोक कल्याण के कल्पवृक्ष थे। कल्पवृक्ष के सानिध्य में प्रत्येक व्यक्ति कामना पूर्ण का सुख प्राप्त करता है। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। संत महात्माओं, आचार्यों, भक्तों और गरीबों को भोजन प्रसाद, फल, मिष्ठान और दक्षिणा वितरित किया गया। इस अवसर पर ज्योतिष आचार्य भागवत प्रवक्ता रामस्नेही महाराज, प्रधानाचार्य गिरीश चंद्र उप्रैती, कथाव्यास अचल कृष्ण शास्त्री, कथाव्यास आशीष माधव शास्त्री, आचार्य अरुण, आचार्य प्रदीप, आचार्य युवराज, आचार्य विकास, आचार्य धीरेंद्र, मराठी संत विट्ठल महाराज, आचार्य ठाकुर, राजू उपाध्याय, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें