सूबे की योगी सरकार की घोषणाओं का असर धरातल पर नजर आने लगा है। अधिकांश सरकारी विभागों में भी सीएम के आदेशों का पालन हो रहा है। केवल लोक निर्माण विभाग ही जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त नहीं कर पाया है। हालांकि यह टारगेट 15 जून तक है। एक माह के कार्यकाल में सीएम योगी की घोषणा के अनुसार जिले को पर्याप्त बिजली आपूर्ति मिल रही है, फुंके ट्रांसफार्मर निर्धारित अवधि में बदले जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में स्वच्छता दिखाई दे रही है।
एक माह पहले योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कई घोषणाएं की थी, जिनमें स्वच्छ भारत अभियान, बूचड़खाने बंद कराने, शहर में 24 घंटे और देहात में 18 घंटे बिजली आपूर्ति, एंटी रोमियो सेल का गठन करने, फुंके ट्रांसफार्मर 48 घंटे में बदले जाने, शहरों-कसबों और मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त करने, 10 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने आदि शामिल हैं।
इन घोषणाओं का असर शहर और जिले में दिखाई दे रहा है, जिससे जनता भी समस्याओं से राहत महसूस कर रही है। सरकारी दफ्तर हुए क्लीन योगी सरकार की घोषणा का असर अब सरकारी दफ्तरों में दिखाई दे रहा है। सभी सरकारी दफ्तरों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। दफ्तरों में कूड़ा डालने, पान गुटखे की पीक थूकने पर जुर्माने के नोटिस लगाए गए। डीएम की ओर से कलक्ट्रेट में भी इसी प्रकार का नोटिस लगाया गया है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान
सरकार के आदेश पर शहर और कसबों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। शहर में बीते एक माह से कई बार यह अभियान चला। सिटी मजिस्ट्रेट मोहम्मद नईम ने बताया कि अभियान लगातार जारी है। एक माह में करीब 60 हजार रुपये का जुर्माना अतिक्रमण करने वालों से वसूला गया तथा 150 से अधिक दुकानदारों के चालान किए गए।
जिलेभर के बूचड़खाने बंद
सीएम योगी की घोषणा के तुरंत बाद ही जनपद पुलिस ने शहर और देहात में चल रहे सभी बूचड़खानों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। पुलिस ने लगातार एक सप्ताह तक अभियान चलाकर सभी बूचड़खानों को बंद कराया गया।
एंटी रोमियो सेल का गठन
महिलाओं और छात्राओं से होने वाली छेड़छाड़ और छींटाकशी की घटनाएं कम हुई हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियो सेल कार्य कर रहा है। इसी का प्रभाव है कि बाइकों पर घूमने वाले युवक अब दिखाई नहीं दे रहे हैं। स्कूल, कॉलेजों के बाहर होने वाली घटनाएं बंद हो गई हैं। एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एंटी रोमियो सेल पहले से गठित है। बीते एक माह में छेड़छाड़ का एक भी मामला प्रकाश में नहीं आया है।
शहर में 22 और देहात में 18 घंटे बिजली
शहर और देहात क्षेत्र में शासन की घोषणा के अनुसार बिजली की आपूर्ति मिल रही है। इस बार अघोषित बिजली कटौती न होने से नागरिकों को काफी राहत मिली है। शहर एक्सईएन केपी पुरी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 22 घंटे बिजली दी जा रही है। ट्रांसफार्मरों को सही रखने के लिए दो घंटे की रोस्टिंग की जा रही है।
उधर, देहात में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है। अधीक्षण अभियंता एसके कपूर ने बताया कि शासन के आदेशानुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है। लाइन बदलने का विरोध करने के कारण देहात के गोयला और टोडा बिजलीघरों के ग्रामों में 15 घंटे आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग के पास पर्याप्त ट्रांसफार्मर हैं। 48 घंटे के अंदर विभाग के कर्मचारी फुंके ट्रांसफार्मर को उठा कर बदल रहे हैं। बीते एक माह में देहात में 144 ट्रांसफार्मर बदले गए।
सड़कें नहीं हुई गड्ढामुक्त
सीएम योगी ने 15 जून तक सूबे की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कराने की घोषणा की थी, मगर इस घोषणा का जिले में कोई असर दिखाई नहीं दिया। जिले की सड़कें अभी पहले की ही तरह हैं। लोक निर्माण विभाग ने इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की। जिले की अनेक मुख्य सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई।
अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है, ऐसे में सड़क निर्माण के लिए रोड़ी, पत्थर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिस कारण सड़कों का निर्माण प्रभावित हो रहा है। दूसरे शासन की ओर से सड़क निर्माण की कोई मद भी जारी नहीं की जा रही है। ऐसे में भला कैसे सड़कों का निर्माण संभव है।