देवबंद (सहारनपुर)। तंजीम अबना-ए-मदारिस वेलफेयर एजूकेशनल ट्रस्ट न देवबंद अलुमनाई फेडरेशन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जहरीली शराब से प्रभावित हुए क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मृतक आश्रितों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को हाथ उठवा कर शराब न पीने और गांव में शराब न बिकने देने की शपथ भी दिलाई।
बुधवार को तंजीम अबना-ए-मदारिस वेलफेयर एजुकेशनल ट्रस्ट चेयरमैन मौलाना मेहंदी हसन ऐनी कासमी व देवबंद अलुमनाई फेडरेशन के अध्यक्ष मुफ्ती अताउर्रहमान कासमी नानकवी के नेतृत्व में दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उमाही गांव पहुंचा। जहां उन्होंने मृतक इमरान और रिजवान के परिजनों से मुलाकात की। साथ ही वह जहरीली शराब का शिकार हुए तेजपाल, राजेश सिंह, सुरेंद्र, राजू सिंह, श्याम, राजकुमार, पल्लू सिंह, बल्लू, रामपाल, पिंटू और जल सिंह के यहां गए और आश्रितों से मिलकर मौतों पर दुख जताया। इस दौरान बेटे को खो चुकी एक वृद्धा मौलाना मेहंदी हसन के गले मिलकर रोने लगी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पुंडेन गांव पहुंचा और मृतक राजेंद्र, जसो देव व इंद्र के परिवारजनों से मिले। मौलाना ऐनी ने बताया की राजेंद्र का बेटा फौज में है जो कश्मीर में तैनात है उसके इंतजार में राजेंद्र का शव गांव में रखा मिला। बताया गया कि बेटे के आने के बाद ही उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने खेड़ामुगल, मैली और सलेमपुर गांव भी पहुंचा। जहां उन्होंने मृतक परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आश्रितों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने और परिवार के एक-एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। इस दौरान उन्होंने सभी गांवों में लोगों को हाथ उठवाकर शराब न पीने और गांव में शराब न बिकने देने की शपथ दिलाई तथा दो परिवारों के लिए पांच पांच हजार रुपये की सहायता दिए जाने की घोषणा की। इस मौके पर कारी नसीरुद्दीन कासमी, सुहैल चौधरी, मरगुबूर्रहमान, कारी इमरान आदि मौजूद रहे।