माता को बच्चे की पहली गुरु बताया
बुढ़ाना। कस्बे व देहातों के स्कूलों में मदर-डे पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को माता के महत्व को बताया गया। बच्चों को बताया गया की माता ही उनकी पहली गुरू होती है।
कस्बे के सनराइज पब्लिक स्कूल मे शनिवार को मदर-डे के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बच्चों ने रंगोली द्वारा समाज में माता के महत्व व स्थान को उकेरा। इस मौके पर विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भी हुआ। कार्यक्रमों के माध्यम से माता के स्थान को दर्शाया गया। विद्यालय के प्रबंधक निशांत गर्ग ने बच्चों को बताया कि माता बच्चे की पहली गुरु होती है। बच्चा सबसे पहले मां शब्द बोलता है। माता के बगैर बच्चे का विकास नहीं हो सकता। विद्यालय की प्रशासक साक्षी गर्ग ने माताओं को उपहार देकर सम्मानित किया। मेरठ-करनाल हाइवे पर गढ़ीसखावतपुर के पास स्थित श्रीजन पब्लिक स्कूल में भी मडर-डे पर कार्यक्रम आयोजन हुआ। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक अरुण सैनी ने बच्चों को समाज में माता के महत्व की जानकारी दी। इस मौके पर बच्चों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मेधावी बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कस्बे के क्राउन कोन्वेंट स्कूल तथा मेपल्स अकादमी में भी कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।