गन्ना पर्ची घोटाले में रोहाना के आईटी हेड बर्खास्त
मुजफ्फरनगर।
जिले में गन्ना माफिया द्वारा चीनी मिलों में मिलीभगत कर डाले जो रहे गन्ने का खुलासा होने के बाद चीनी मिल रोहाना के आईटी हेड हितेश कौशिक और आईटी क्लर्क जोनी त्यागी को नौकरी से बर्खास्त से कर दिया गया है। मिल के वीपी सुनील दत्त का बुधवार को रिटायरमेंट हो गया।
जिले में गन्ना सोसायटियों और चीनी मिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत गन्ना माफिया गन्ना डाल रहे हैं। इस खेल में करोड़ों का खेल है। गन्ना माफिया जहां हरियाणा के किसानों से कम दामों के खरीदारी कर रहे हैं, वहीं कोल्हुओं से भी गन्ने की खरीद हो रही है। अमर उजाला ने गन्ने में चल रहे इस खेल का खुलासा किया। इसके बाद प्रशासन की आंख खुली। किसानों की शिकायत पर रोहाना चीनी मिल में आईटी विभाग और गन्ना सोसायटी द्वारा फर्जी पर्ची जारी करने का खेल खुला। आईपीएल के एमडी प्रवींद्र गहलौत ने मामले की जांच की। इसके बाद तत्काल दोनों को सस्पेंड किया गया। भाकियू अध्यक्ष राजू अहलावत की शिकायत पर फर्जी पर्ची बनाने की जांच डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर ने की। प्रशासन और आईपीएल अधिकारियों की जांच के बाद बुधवार को फर्जी पर्ची बनाने का दोषी पाए जाने पर आईटी हेड हितेश कौशिक और आईटी क्लर्क जॉनी त्यागी को नौकरी से टर्मिनेट करते हुए मिल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं, मिल के वीपी सुनील दत्त भी बुधवार को रिटायर हो गए। सुनील दत्त का कहना है कि दो साल पहले उनका दो साल का कार्यकाल बढ़ा था जो पूरा हो गया है। अब कंपनी के नियमों में उनका कार्यकाल नहीं बढ सकता।
समिति सचिव पर भी हो कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि मिल और गन्ना सोसायटी की मिलीभगत से ही फर्जी पर्ची का खेल होता है। रोहाना गन्ना सोसायटी के सचिव सुभाष यादव की भूमिका की जांच होनी चाहिए। जो भी खेल है वह उनके बिना नहीं हो सकता।