बसों के शीशों से जाल और ग्रिल हटवाई
मुजफ्फरनगर। अग्निशमन विभाग की ओर से रोडवेज डिपो में मॉक ड्रिल की गई। कर्मचारियों, चालक-परिचालकों को अग्निकांड, मुसीबत और एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिए जाने की जानकारी दी गई। वहीं, एआरएम ने बसों के इमरजेंसी द्वार और पीछे के शीशे पर लगे जाल, ग्रिल को हटवा दिया है। इमरजेंसी द्वार रोजाना वर्कशॉप में चेक किया जाएगा।
रोडवेज में अग्निशमन विभाग के अधिकारी प्रीतपाल सिंह और राजपाल सिंह ने कर्मचारियों, चालक-परिचालकों को आग बुझाने के तरीके, अग्निकांड से निपटने के गुर सिखाए। इतना ही नहीं, सड़क हादसा, अन्य रूप से घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार में क्या-क्या करना चाहिए। इसका भी प्रदर्शन कर जानकारी दी गई। प्रीतपाल ने बताया कि घायल व्यक्ति को एंबुलेंस या अन्य चिकित्सकीय सेवा मिलने तक उसकी सामान्य रूप से शारीरिक देखभाल करते रहें। इसके बाद आग पर कंट्रोल करने के उपाय बताए। कार्यक्रम के बाद एआरएम बीपी अग्रवाल ने बसों के भीतर इमरजेंसी द्वार पर लगे लोहे के पाइप, जाल को हटवा दिया। साथ ही बस पीछे के शीशे पर लगी जालियों, ग्रिल को भी उतरवाया गया है। कार्यक्रम में रोडवेज के राजकुमार तोमर, अनुज त्यागी, फोरमैन, एकाउंटेट आदि मौजूद रहे।