विचाराधीन बंदी की उपचार के दौरान मौत
भोपा (मुजफ्फरनगर)। हत्या के आरोप में करीब तीन साल से जेल में बंद गांव यूसुफपुर निवासी विचाराधीन बंदी मोहसिन की रविवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। अचानक हालत बिगड़ने पर उसे जेल अस्पताल से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव यूसुफपुर निवासी नरेश की लाश विगत 27 फरवरी 2016 को गांव के तालाब के पास मिली थी। परिजनों ने मामले में गांव के ही मोहसिन पुत्र कालू के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस ने मोहसिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, तभी से मोहसिन जिला कारागार में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद था। नरेश के परिजनों का आरोप था घटना से दो दिन पूर्व हुई कहासुनी के चलते मोहसिन द्वारा ईटों से सिर पर वार कर नरेश की हत्या की गई थी। जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि रविवार सुबह अचानक जेल में बंद मोहसिन की हालत बिगड़ गई, जिसे जेल अस्पताल ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत के चलते उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उधर, दोपहर के समय मोहसिन की मां नीरा बेटे से मिलाई करने जेल पहुंची तो उसे बेटे की मौत की जानकारी मिली, जिसकी सूचना से परिवार में कोहराम मच गया। मोहसिन की बहन हसीना ने जेल अफसरों पर भाई की मौत की सूचना परिजनों को समय से नहीं देने का भी आरोप लगाया।
युवक पर जानलेवा हमला
भोपा। थाना क्षेत्र के गांव करहेडा़ में देर रात्रि युवक के साथ मारपीट कर दी गई। ग्रामीणों द्वारा घायल युवक को चोर बताते हुए एक घर में घुसने की सूचना पुलिस को दी गई, जिस पर डायल-100 ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को मोरना पीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत के चलते जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर एमएस गिल ने बताया कि, घायल युवक खतौली क्षेत्र निवासी मित्तू है, जिसे उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।